सड़कों पर दौड़ेंगी सिर्फ चारपहिया या फिर पैदल वालों को भी मिलेगी जगह?

शहर के तंग मार्गो में मास्टर प्लान खो गया है। शहर में विकास के काम हुए हैं और प्रस्तावित भी हैं लेकिन इसमें से किसी में भी इसको लागू नहीं किया गया है।
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Updated: 14 Jan 2017, 12:54 PM IST
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Only four wheelers on the road or walking people also get space?
रायगढ़.
शहर के तंग मार्गो में मास्टर प्लान खो गया है। शहर में विकास के काम हुए हैं और प्रस्तावित भी हैं लेकिन इसमें से किसी में भी इसको लागू नहीं किया गया है।


जबकि मास्टर प्लान के अनुसार सड़कों के चौड़ाई के आधार पर कम से कम 1.5 मीटर से 4.5 मीटर के फुटपाथ का प्रावधान है।


जानकार बताते हैं कि यहां बनने वाले सड़कों के हिसाब से 2.5 मीटर का फुटपाथ अधिकांश मार्ग में होना चाहिए। इसके बाद भी नगर निगम ने शहर गिने-चुने सड़कों के कीनारे बने फुटपाथा बनाया है


जिस पर व्यवासियों का कब्जा होने के कारण फुटपाथ गायब हो गया है तो वहीं कई ऐसे सड़क भी हैं जिसमें नगर निगम ने स्टीमेट से ही फुटपाथ को गायब कर दिया है। इसके कारण पैदल चलने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।


शहर के गोपी टॉकीज मार्ग में एक ओर जहां सिल्वर पैलेस से शहीद चौक तक बने फुटपाथ में व्यवासिययों का समान सजा हुआ नजर आता है


तो वहीं दूसरे छोर में निगम ने शहीद चौक से सीएसईबी तक ही फुटपाथ बनाया गया है इसके आगे का फुटपाथ गायब है।


इसीप्रकार केवड़ाबाड़ी चौक से ढिमरापुर चौक तक बने मार्ग में कार्मेल स्कूल तक फुटपाथ बना ही नहीं है इसके बाद कुछ दूर तक इसका निर्माण किया गया है लेकिन आगे चलकर यह फिर बंद हो गया है।


कृष्णा कांप्लेक्स से फिर निर्माण किया गया है और आगे होंडा शो रूम के पहले यह फिर खत्म हो गया है। इस पूरे मार्ग में देखा जाए तो टुकड़ों में फुटपाथ का निर्माण किया गया है।


वहीं करीब इसी चौड़ाई की केवड़ाबाड़ी से सर्किट हाउस मैदान तक का रोड का निर्माण किया गया है लेकिन इस मार्ग में फुटपाथ गायब है।


इसीप्रकार गोगा राइसमिल से मिठ्टुमुड़ा होते हुए एफसीआई गोदाम के सामने तक व सारंगढ़ बस स्टेंड तक बने सड़क में भी फुटपाथ गायब हो गया है।


इन मार्गो में तो नगर निगम ने डिवाइडर भी गायब कर दिया है। कुलमिलाकर देखा जाए तो शहर में बनने वाले 25 सड़कों के स्टीमेटम में अधिकांश में निगम ने फुटपाथ ही गायब कर दिया है।


सिमट गईं सड़कें

मास्टर प्लान के हिसाब से देखा जाए तो शहिद चौक से समलेश्वरी मंदिर मार्ग की चौड़ाई 9 मीटर को बढ़ाकर 12 मीटर किया गया है


इसीप्रकार दशरथ पान ठेला से कामर्स कॉलेज तक 30 से बढ़ाकर 45 मीटर किया गया है। लेकिन निर्माण के दौरान इसका पालन नहीं हो पाया।


प्रशासन द्वारा तैयार किए गए उक्त प्लान के हिसाब से तीन या तीन से अधिक मार्गो के मिलने वाले स्थल में चौराहे का माप निर्धारित होना था।


इसमें मार्ग की चौड़ाई 7.5 मीटर या कम हो तो वक्रता 3.0 मीटर, 7.5 मीटर से अधिक एवे 18 से कम हो तो 4.5 मीटर व 18 मीटर से अधिक चौड़ाई पर 6.0 वक्रता का चौक होना चाहिए लेकिन यहां कहीं बड़ा तो कहीं छोटा तो कहीं चौक बनाया ही नहीं है।
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