
सास कमला के मौत के बाद विलाप करती बहू रविना। फोटो: पत्रिका
Bhilwara Murder Case: भीलवाड़ा शहर के वीर सावरकर चौक की संकरी गलियों में छाया सन्नाटा और कोठारी नदी के पुल पर अपनों को खोने की चीखें… 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की दर्दनाक हत्या ने पूरे भीलवाड़ा की रूह कंपा दी है। लगभग 25 लाख रुपए के सोने के जेवर और नकदी के लालच में कातिलों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। सुभाष नगर में घनी आबादी के बीच बड़ी पुलिया के निकट मकान की छत पर हुई इस वारदात से क्षेत्र के लोगों के दिल दहल उठे।
पति सौरभ और ससुर तेज सिंह कांकरिया को पहले ही खो चुकी पटेल नगर निवासी बहू रविना जब रोते-बिलखते कोठारी नदी की पुलिया पर पहुंची, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। रविना ने भरे गले से बताया कि सास घर पर अकेली रहती थीं और खाना बनाने वाली रतन आंटी ने 14 अक्टूबर को उनके लापता होने की खबर दी थी। रविना समय मिलते ही सास का हाल-चाल जानने आया करती थी, लेकिन उसे क्या पता था कि अब उसकी सास कभी वापस नहीं लौटेंगी।
जांच में सामने आया कि कातिलों ने कमला देवी की हत्या करने के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को दो मंजिला मकान की छत पर जला दिया। जलने की दुर्गंध न फैले, इसके लिए लकड़ियों के साथ हवन सामग्री और घी का इस्तेमाल किया। पुलिस को भ्रमित करने के लिए छत और गलियारे में सीमेंट व रंग-रोगन तक पोत दिया। हत्या के बाद हड्डियों और अवशेषों को बोरी में भरकर महज दो किलोमीटर की दूरी पर कोठारी नदी में बहा दिया गया।
पुलिस और गोताखोरों की टीम मंगलवार सुबह 11 बजे आरोपी रवि को लेकर पालड़ी पुलिया पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। यहां पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह व भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी की मौजूदगी में टीम ने आरोपी की निशादेही पर कोठारी नदी के बहाव में अवशेषों की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया।
आरोपी शहर का आदतन अपराधी है, उससे लोगों में खौफ भी है, उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कई मामले दर्ज है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने शहर में कई मकानों पर कब्जे कर रखे हैं, इनमें घटना स्थल का मकान भी शामिल है।
12 अक्टूबर: सीसी कैमरे मेंं शाम 7.56 बजे रवि बाइक पर कमला को लेते नजर आया।
13 अक्टूबर: घर पर खाना बनाने रतन देवी पहुंची को कमरे पर ताला नजर आया।
14 अक्टूबर: रतन देवी फिर घर आई, कमरा नहीं खुलने पर उसने बहू रविना को सूचना दी।
15 अक्टूबर: बहू रविना वीर सावरकर चौक पहुंची, गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाने में दी।
24 अक्टूबर: पुलिस ने पहली बार आरोपी रवि से पूछताछ की।
26 अक्टूबर: पुलिस ने रात को रवि के साथ ही हीरा को गिरफ्तार किया।
27 अक्टूबर: पुलिस आरोपी रवि व हीरा को लेकर सुबह 11 बजे कोठारी नदी पहुंची।
पुलिस का शिकंजा कसते ही मुख्य आरोपी रवि तापड़िया भीमगंज थाने पहुंच गया। उसने 12 अक्टूबर को महिला को बड़ी पुलिया के निकट छोड़कर जाने की झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन एफएसएल और एमओबी की टीमों ने घनी आबादी स्थित उसके मकान से चौंकाने वाले साक्ष्य जुटाए। वारदात में रवि तापड़िया और हीरा सिंधी सहित चार लोगों की भूमिका सामने आई है, जिन्होंने वारदात को अंजाम देने के बाद लूटे गए हार, चूड़ियां, नथ और कड़े आपस में बांट लिए थे। किराएदार की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।
Updated on:
28 Oct 2026, 12:55 PM IST
Published on:
28 Oct 2026, 12:55 PM IST
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