Cheating for Money Exam: छत्तीसगढ़ में ओपन परीक्षा केंद्र में नकल को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में 8 से 12 हजार रुपये लेकर नकल कराई जा रही है।
Cheating for Money Exam: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित बर्रा ओपन परीक्षा केंद्र में नकल को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा में 8 से 12 हजार रुपये लेकर नकल कराई जा रही है। पैसे देने से मना करने पर कुछ छात्रों को परीक्षा से ही वंचित कर दिया गया, जिससे केंद्र में हंगामे की स्थिति बन गई।
छात्रों का कहना है कि केंद्र में खुलेआम पैसे लेकर नकल कराई जा रही थी। आरोप है कि 8 से 12 हजार रुपये लेने के बदले पर्चियां उपलब्ध कराई जा रही थीं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों के मुताबिक, जब उन्होंने इस व्यवस्था का विरोध किया तो 7 छात्रों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इस घटना के बाद केंद्र में तनाव का माहौल बन गया और अन्य छात्रों में भी नाराजगी देखी गई।
छात्रों ने केंद्राध्यक्ष ज्ञानसागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया और प्रभारी प्राचार्य रामगोपाल राठिया पर सीधे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा था। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों से उत्तर लिखवाए जा रहे थे। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
1 अप्रैल को विरोध बढ़ने पर स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। इसके बाद परीक्षा केंद्र में स्थिति सामान्य कराई गई।
खरसिया के बीईओ लक्ष्मीनारायण पटेल ने बताया कि बर्रा हाई स्कूल में चल रही ओपन परीक्षा में अनियमितता की शिकायत मिली है। उड़नदस्ता टीम पहले भी जांच के लिए पहुंची थी और अब फिर से परीक्षा के दौरान जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच के दौरान नकल या अन्य गड़बड़ियां प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित केंद्राध्यक्ष और जुड़े शिक्षकों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस पूरे मामले ने ओपन परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।