
रायगढ़ । देश में नए यातायात लागू होने के बाद भी सड़क दुर्घटना घटने का नाम नहीं ले रहें है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक दुर्घटना हुई है। दरअसल बाइक में दोस्त के साथ समोसा लेने जा रहे दो नाबालिक को हाइवा चालक ने बड़े बेरहमी से टक्कर मार दी जिससे एक नाबालिक की मौके पर ही मौत हो गई।
यह है पूरा मामला
बाइक में अपने नाबालिग दोस्त के साथ समोसा देने जा रहे नाबालिग बालक को एक हाइवा चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सामने से टक्कर मार दिया। जैसे ही दोनों नाबालिग सड़क पर गिरे, इस दौरान हाइवा ने एक को रौंद दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मृतक का साथी दूर छिटक जाने की वजह से बच गया। हालांकि उसे मामूली चोट आई है। घटना की सूचना पर भूपदेवपुर पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए आरोपी चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं मामले की विवेचना की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक जयकिशन पटेल पिता हरिराम पटेल (16) भूपदेवपुर बस्ती में रहता है। 18 दिसंबर की दोपहर करीब साढ़े 12 जयकिशन अपने एक नाबालिग दोस्त के साथ बाइक में समोसा लेने के लिए चौपाटी की तरफ जा रहा था। इस दौरान बाइक जयकिशन चला रहा था। जैसे ही ये लोग भूपदेवपुर ग्रामीण बैंक के पास पहुंचे थे कि सामने से आ रही हाइवा के चालक ने तेज एवं लापरावाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए इनकी बाइक को टक्कर मार दिया। हाइवा की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के पीछे बैठा नाबालिग दूर छिटक गया, जबकि जयकिशन हाइवा के सामने में ही गिर गया। इस दौरान हाइवा का पहिया उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को उठा कर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
ग्रामीणों ने कर दिया चक्काजाम
घटना की जानकारी जब आसपास के लोगों को हुई तो दोपहर करीब तीन बजे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने घटना स्थल पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि हाइवा मालिक पीडि़त परिजनों को मुआवजा राशि दे। इसके बाद पुलिस के अधिकारी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे थे। वहीं ट्रक मालिक को भी वहां बुलाया गया। इसके बाद ट्रक मालिक और ग्रामीण बातचीत हुई और आपसी सहमति बनी। इसके बाद ही शाम करीब साढ़े सात बजे चक्काजाम बंद किया गया। इस दौरान घंटों तक उक्त मार्ग में आवागमन बाधित रहा।
इस दुर्घटना से लें सबक
ज्ञात हो कि 16 साल का नाबालिग बालक अपने नाबालिग साथी को साथ बिठाकर बाइक चला रहा था। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। क्योंकि बच्चों का वाहन पर उतना कंट्रोल नहीं रहता, जबकि उन्हें वाहन चलाने का शुरूर होता है। ऐसे में नाबालिग बच्चों के पालकों को इस दुर्घटना से सबक लेना चाहिए और अपने बच्चों को वाहन नहीं थमाना चाहिए। अगर वह किसी दूसरे से भी बाइक लेकर चलाता है तो उसे फटकार लगाना चाहिए। वरना इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहेंगी।