रायगढ़

ये शादी नहीं हो सकती..! सतर्क प्रशासन ने रोका बाल विवाह, नाबालिग की शादी टली, जानें पूरा मामला

Child Marriage Stopped: रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग लड़के की शादी की तैयारी चल रही थी, जिसे सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया।

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Apr 03, 2026
ये शादी नहीं हो सकती..! सतर्क प्रशासन ने रोका बाल विवाह, नाबालिग की शादी टली, जानें पूरा मामला(photo-patrika)

Child Marriage Stopped: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रशासन और पुलिस की तत्परता से एक बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग लड़के की शादी की तैयारी चल रही थी, जिसे सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए पूरी तरह सजग है।

Child Marriage Stopped: सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

विश्वस्त सूत्रों से जिला प्रशासन को जानकारी मिली थी कि गांव में एक नाबालिग बालक की बारात 3 अप्रैल 2026 को निकाली जानी है, जबकि उसकी आयु कानूनी विवाह उम्र 21 वर्ष से कम है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में पुलिस विभाग के सहयोग से एक संयुक्त टीम का तत्काल गठन किया गया और उसे मौके के लिए रवाना किया गया।

दस्तावेजों की जांच में सामने आई सच्चाई

गठित टीम ने गांव पहुंचकर बालक की जन्मतिथि से संबंधित शैक्षणिक एवं अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की वर्तमान आयु 20 वर्ष 05 माह है, जो कि विवाह के लिए निर्धारित कानूनी आयु से कम है। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने मानी गलती

मौके पर बालिका पक्ष और उनके परिजन भी मौजूद थे। प्रशासनिक टीम ने दोनों पक्षों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत होने वाली कार्रवाई और उसके प्रभावों से अवगत कराया। समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सहमति दी कि बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने तक विवाह नहीं किया जाएगा।

मौके पर भरवाया गया घोषणा पत्र

प्रशासन ने मौके पर ही दोनों पक्षों से औपचारिक घोषणा पत्र और राजीनामा पत्र भरवाया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। इस दौरान ग्राम के सरपंच सहित जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी (बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी), पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रशासन की अपील: बाल विवाह अपराध है

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

समय रहते की गई इस कार्रवाई ने एक संभावित बाल विवाह को रोकने के साथ-साथ समाज में जागरूकता का संदेश भी दिया है। प्रशासन का यह कदम बाल अधिकारों की सुरक्षा और कानून के पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Updated on:
03 Apr 2026 01:39 pm
Published on:
03 Apr 2026 01:38 pm
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