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Elephant Attacks: हाथियों का आतंक! 101 हाथियों की मौजूदगी से गांवों में दहशत, 8 किसानों की रौंदी फसल

Elephant Attacks: हाथियों का दल रात के समय खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर रहा है। 8 किसानों को नुकसान हुआ है, जबकि जिले के जंगलों में 101 हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है।

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हाथियों का आतंक (photo source- Patrika)

हाथियों का आतंक (photo source- Patrika)

Elephant Attacks: रायगढ़ जिले में इन दिनों हाथियों का दल लगातार रिहायशी और खेती वाले इलाकों की ओर रुख कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। खासकर रात के समय हाथियों की गतिविधि बढ़ गई है और वे सीधे खेतों में घुसकर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Elephant Attacks: प्रभावित किसानों को मुआवजा

जानकारी के अनुसार Dharamjaigarh वन मंडल क्षेत्र में सोमवार रात हाथियों का झुंड कई गांवों तक पहुंच गया। इस दौरान 8 किसानों की धान की फसल को रौंदकर पूरी तरह खराब कर दिया गया। बोरो रेंज के चाल्हा गांव में एक किसान, बरतापाली में एक किसान, माढरमार और आमापाली में पांच किसानों तथा भंडरीमुड़ा में एक किसान की फसल को नुकसान पहुंचा है।

ग्रामीणों को जैसे ही हाथियों के खेतों में घुसने की जानकारी मिली, वे वन विभाग के अमले के साथ मौके पर पहुंचे और हाथियों को भगाने की कोशिश की। हालांकि हाथियों का झुंड काफी देर तक खेतों में डटा रहा और भारी नुकसान पहुंचाने के बाद ही वापस जंगल की ओर लौटा। अब वन विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

महिला पर हमला, जान बचाकर भागीं ग्रामीण महिलाएं

इसी इलाके के ओंगना गांव में एक और चिंताजनक घटना सामने आई। यहां भारती यादव सहित कुछ महिलाएं जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान उनका सामना अचानक एक हाथी से हो गया। हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया, जिससे भगदड़ मच गई। इस घटना में भारती यादव घायल हो गईं और उनके चेहरे पर चोट आई। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

जिले में 101 हाथियों की मौजूदगी, लगातार निगरानी

वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले के जंगलों में वर्तमान में कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से 98 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में अलग-अलग समूहों में सक्रिय हैं, जिनमें 26 नर, 50 मादा और 22 शावक शामिल हैं। इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल में 3 हाथी हैं, जिनमें 2 नर और 1 मादा शामिल हैं।

वन विभाग की टीम इन हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

Elephant Attacks: क्यों बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष?

छत्तीसगढ़ के कई जिलों, खासकर उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इसके पीछे कई कारण माने जाते हैं:

जंगलों में भोजन की कमी: प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण हाथी गांवों की ओर आ रहे हैं।
धान की फसल का आकर्षण: धान हाथियों का पसंदीदा भोजन है, इसलिए वे खेतों को निशाना बनाते हैं।
जंगलों का सिमटना: विकास कार्यों और अतिक्रमण से हाथियों के पारंपरिक रास्ते (कॉरिडोर) प्रभावित हुए हैं।
रात में ज्यादा सक्रियता: हाथी रात के समय ज्यादा सक्रिय होते हैं, जिससे नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।