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Dam Gate Broken: मूसलाधार बारिश से टूटा बांध का गेट, हाईवे पर बाढ़ जैसे हालात, खेत और सड़क डूबे

Dam Gate Broken: भारी बारिश के चलते जलाशय का जर्जर गेट टूट गया, जिससे NH-49 पर पानी भर गया और यातायात ठप हो गया।

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भारी बारिश से बांध का गेट टूटा (photo source- Patrika)

भारी बारिश से बांध का गेट टूटा (photo source- Patrika)

Dam Gate Broken: रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर क्षेत्र में स्थित बिलासपुर जलाशय का पुराना और जर्जर गेट अचानक टूट गया, जिससे बांध का पानी uncontrolled तरीके से बाहर निकलने लगा। इस घटना के कारण पास से गुजरने वाले रायगढ़-खरसिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-49) पर पानी की भारी भरमार हो गई और सड़क पर लगभग घुटनों तक पानी भर गया।

Dam Gate Broken: फसल को काफी नुकसान होने की आशंका

इसके चलते हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, और सड़क का दृश्य किसी तेज बहते दरिया जैसा प्रतीत हो रहा है। जलाशय के गेट टूटने से पानी का तेज बहाव आसपास के खेतों में भी फैल गया है, जिससे किसानों की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर भूपदेवपुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत पहुंच गई है और जलाशय के गेट से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए काम कर रही है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और पानी के तेज बहाव के पास न जाने की चेतावनी दी है।

बिलासपुर जलाशय और बाढ़ की जोखिम स्थिति

बिलासपुर जलाशय का महत्व

बिलासपुर जलाशय रायगढ़ जिले में कृषि और पेयजल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण संरचना है। यह क्षेत्रीय किसानों और आसपास के गांवों को सिंचाई सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, यह जलाशय काफी पुराना है और कई हिस्सों में संरचनात्मक कमजोरी देखी जा चुकी है।

पुराने गेट और जर्जर स्थिति

स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग पहले भी जलाशय के गेट की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की सिफारिश कर चुके हैं, लेकिन जर्जर स्थिति और पर्याप्त रखरखाव के अभाव के कारण यह घटना हुई। पुराने बांधों में नियमित निगरानी और रखरखाव की कमी अक्सर ऐसी आपात स्थितियों का कारण बनती है।

पहले के उदाहरण

छत्तीसगढ़ में पिछले वर्षों में कई जलाशयों और बांधों के जर्जर गेट टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कभी-कभी बड़े पैमाने पर सड़क अवरुद्ध होना, फसलों का नुकसान, और स्थानीय निवासियों के घरों में पानी का प्रवेश शामिल रहा है।

2018 में सरगुजा जिले के जलाशय में गेट टूटने से कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हुआ।
2021 में कोण्डागांव जिले के एक पुराने बांध में रिसाव की वजह से आसपास के खेत और सड़क प्रभावित हुए।

भूपदेवपुर घटना की गंभीरता

इस घटना की गंभीरता इस बात से स्पष्ट है कि NH-49 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। साथ ही, तेज बहाव से आसपास के खेतों और कृषि उत्पादन को नुकसान होने का खतरा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए हैं।

Dam Gate Broken: सावधानियाँ और उपाय

स्थानीय प्रशासन ने सड़क किनारे और पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से लोगों को दूर रहने की चेतावनी जारी की है।
पुलिस और राजस्व विभाग की टीम लगातार जलाशय के गेट और आसपास के क्षेत्र की निगरानी कर रही है।
किसानों को चेतावनी दी गई है कि वह अपने खेतों और घरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएँ।

यह घटना रायगढ़ जिले में जलाशयों की पुरानी संरचनाओं के रखरखाव और समय पर मरम्मत की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संरचनात्मक जांच और सुधार नहीं किए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ता रहेगा।