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हाथियों का आतंक! 150 के करीब झुंड ने धान-मक्का फसल रौंदी, किसानों को भारी नुकसान

Elephant Attack in Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 130 से ज्यादा हाथियों के झुंड ने कई गांवों में फसलों को बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों में दहशत और भारी नुकसान की स्थिति बन गई।

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हाथियों का आतंक! 150 के करीब झुंड ने धान-मक्का फसल रौंदी, किसानों को भारी नुकसान(photo-patrika)

हाथियों का आतंक! 150 के करीब झुंड ने धान-मक्का फसल रौंदी, किसानों को भारी नुकसान(photo-patrika)

Elephant Attack in Raigarh: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का मूवमेंट लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। ताजा घटनाक्रम में करीब 130 से अधिक हाथियों के बड़े झुंड ने अलग-अलग क्षेत्रों में धावा बोलते हुए किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। रात के समय खेतों में पहुंचे हाथियों ने धान और मक्का की फसल को खाकर और पैरों से रौंदकर बर्बाद कर दिया।

Elephant Attack in Raigarh: दो वन मंडलों में हाथियों का जमावड़ा

वन विभाग के अनुसार, रायगढ़ वन मंडल में 38 और धर्मजयगढ़ वन मंडल में 94 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इतनी बड़ी संख्या में हाथियों के सक्रिय होने से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।

रातभर खेतों में मचाया उत्पात

रविवार रात धर्मजयगढ़ वन मंडल के कई रेंजों में हाथियों का दल खेतों तक पहुंच गया। आमगांव में 5 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं दर्रीडीह और ओंगना में 3 किसानों की फसल, क्रोंधा में 1 किसान की फसल और छाल रेंज के लामीखार में 1 किसान की मक्का फसल बर्बाद हुई।

कई गांवों में फसलों का नुकसान

हाटी तेंदुमुडी में 3 किसानों की धान की फसल और बोरो रेंज के कुमा गांव में 2 किसानों की फसल हाथियों ने रौंद दी। लगातार हो रहे इन हमलों से किसान बेहद परेशान हैं और उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों ने भगाने की कोशिश, नहीं माने हाथी

रात में हाथियों के आने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने उन्हें खेतों से भगाने का प्रयास किया। हालांकि हाथियों का झुंड काफी देर तक खेतों में डटा रहा और भारी नुकसान पहुंचाने के बाद सुबह होने से पहले जंगल की ओर लौट गया।

नुकसान का आकलन शुरू

सुबह होते ही वन विभाग के कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों में आक्रोश और डर

लगातार हो रहे नुकसान से किसानों में आक्रोश के साथ-साथ डर भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों की आवाजाही पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और भी बड़े नुकसान की आशंका है।

वन विभाग की चुनौती बढ़ी

जिले में हाथियों की बढ़ती संख्या और उनका आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी दूर नजर आ रहा है।