रायगढ़

CG Fraud: खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 23 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

CG Fraud: कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया कि उनके नाम पर मुंबई में फर्जी खाता खुला है। गिरफ्तारी का भय दिखाकर आरोपियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और पूरी बातचीत गोपनीय रखने का दबाव बनाया।

2 min read
Apr 03, 2026

CG Fraud: छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के बैंक खातों में 17 लाख से अधिक की राशि होल्ड करा दी है।

पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी निवासी एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक को 10 अक्टूबर 2025 को अज्ञात कॉल आए। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया कि उनके नाम पर मुंबई में फर्जी खाता खुला है। गिरफ्तारी का भय दिखाकर आरोपियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया और पूरी बातचीत गोपनीय रखने का दबाव बनाया।

डर के कारण पीड़ित ने 25 से 29 अक्टूबर के बीच 12 ट्रांजेक्शन के जरिए 23.28 लाख रुपए ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने अपने बेटे को यह बात बताई, तब ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। रायगढ़ पुलिस ने तकनीकी जांच, यूपीआई आईडी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बेंगलुरु में दबिश दी। पुलिस टीम ने विग्नेश पी और स्टीफन थॉमस को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया।

दुबई से जुड़ा है मास्टरमाइंड

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड फिरोज खान उर्फ डॉम्निक है, जो दुबई में बैठकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहा है। यह गिरोह आधार लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप के जरिए देशभर में ठगी करता है। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

यह था पूरा मामला

ग्राम जतरी के रहने वाले गरूण सिंह पटेल (72) रिटायर्ड शिक्षक हैं। 10 अक्टूबर 2025 को उन्हें तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कहा कि मुंबई में उनके नाम से खाता खोल गया है और उनकी जांच की जाएगी। ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक से जांच में सहयोग करने की कही। साथ ही यह भी कहा कि इन सभी बातों को गोपनीय रखना है नहीं तो अरेस्ट कर मुंबई ले आएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद राशि वापस कर दी जाएगी।

इस भरोसे में आकर रिटायर्ड शिक्षक ने 25 से 29 अक्टूबर 2025 के बीच यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के जरिए 12 किस्तों में कुल 23,28,770 रुपए ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्होंने वॉट्सएप के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी।

ऐसे में 30 अक्टूबर 2025 को रिटायर्ड शिक्षक ने मामले की जानकरी अपने छोटे बेटे को दी। इसके बाद बेटे ने फौरन पुसौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धारा 418, 66(D) आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

Published on:
03 Apr 2026 03:41 pm
Also Read
View All

अगली खबर