CG News: देर शाम को लात नाला से दुकान बंदकर घर लौट रहे ग्रामीण दुकानदार ने मेन रोड की कुधरगढ़ी मोड़ से जंगल तरफ हिंसक जानवर को जाते देखा।
साल्हेओना। CG News: देर शाम को लात नाला से दुकान बंदकर घर लौट रहे ग्रामीण दुकानदार ने मेन रोड की कुधरगढ़ी मोड़ से जंगल तरफ हिंसक जानवर को जाते देखा। हिंसक जानवर को अचानक सामने देख दुकानदार के होश उड़ गए और इसकी जानकारी वन अमले को दी।
यह भी पढ़ें: Crime: चरित्र शंका पर पत्नी की हत्या, अपराध दर्ज
ऐसे में कुछ देर में वन विभाग की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची और मौका स्थल का निरीक्षण करते हुए हिंसक जानवर का पद चिन्ह लिया गया। जिसमें बाघ न होकर तेंदुआ का पद चिन्ह होने की बात सामने आई है। गुरुवार रात 7. 45 बजे मानिकपुर बडे़ का वोटलाल पटेल पिता बैशाखु उम्र 38 वर्ष खुद का किराना दुकान लात नाला से बंदकर बाइक पर घर लौट रहा था। जैसे ही चंद्रपुर - सरिया मुख्य सड़क के कुधरगढ़ी मोड़ पहुंचा था कि जंगल तरफ एक हिंसक जानवर को जाते देखा।
दुकानदार ग्रामीण का कहना है कि उसने जानवर के पीछे हिस्से को बाइक की लाइट की प्रकाश में स्पष्ट देखा है और धारीदार काला - पीला पट्टी की 7- 8 फीट लंबा जानवर बाघ ही है। इसकी सूचना वन अमले को दिया। वही वन अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए बताया कि घटना के बाद स्थल निरीक्षण किया गया। कुधरगढ़ी मोड़ के आसपास कनकन सागर में हिंसक जानवर को खोजने की कोशिश भी किया गया।
इसी दौरान सामने तेंदुआ नजर आया। वन विभाग की खोजी दल को देखकर तेंदुआ जंगल की तरफ चला गया, लेकिन उसके पद चिन्हों को रात में लिया गया। जिसमें तेंदुआ का पद चिन्ह बताया जा रहा है। फिलहाल हिंसक जानवर की आमद के बाद वन विभाग द्वारा कुधरगढी, विश्वासपुर, मानिकपुर, धोबनीपाली सहित आसपास गांवों में मुनादी कराकर जंगल तरफ जाने के लिए मना कराया जा रहा है और विभाग के अधिकारी सतर्कता बरत रहा हैं।
रात में पहुंचे थे अधिकारी
हिंसक जानवर देखें जाने की सूचना पर वन अधिकारियों को भी सकते में डाल दिया और तत्काल टीम बनाकर सर्चिंग अभियान शुरु कर दी। अधिकारियों ने दुकानदार वोटलाल पटेल को बुलाया गया लेकिन डर व दहशत में आ नहीं सका। ऐसे में फोन पर बताए गए स्थल का निरीक्षण करने में लगे रहे। निरीक्षण टीम सुरेंद्र कुमार अजय वन परिक्षेत्र अधिकारी (गोमर्डा अभ्यारण) बरमकेला, सेवक राम बैगा रेंजर सारंगढ़, अर्जुन लाल मेहर सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी बरमकेला, हीरालाल नायक वनपाल चांटीपाली, प्रकाश खुंटे वन रक्षक, संजय सिदार वन रक्षक व चौकीदार शामिल थे।