रायपुर

CG Medical college: मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के 1036 पद खाली, जल्द होगी प्रमोशन व भर्ती

CG Medical college: मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के 1036 पद खाली है। इस समस्या को दूर करने के लिए फैकल्टी का समय पर प्रमोशन व भर्ती जरूरी है। कॉलेजों में 100 से ज्यादा एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जो दो साल से प्रोफेसर बनने का रास्ता देख रहे हैं।

2 min read
Apr 10, 2025

CG Medical college: प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के 1036 पद खाली है। इस समस्या को दूर करने के लिए फैकल्टी का समय पर प्रमोशन व भर्ती जरूरी है। कॉलेजों में 100 से ज्यादा एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जो दो साल से प्रोफेसर बनने का रास्ता देख रहे हैं। वहीं, 235 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की जानी है। खाली पदों को भरने व प्रमोशन से नए सत्र के लिए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता बचाने में मदद मिलेगी।

नए सत्र 2025-26 के लिए एनएमसी की टीम कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए कभी भी आ सकती है। चूंकि 4 मई को नीट यूजी होगी। इसके पहले कॉलेजों का निरीक्षण पूरा किया जाएगा। हालांकि ऐसा दिख नहीं रहा है। नीट हो जाने के बाद काउंसलिंग के पहले सीटों की जानकारी कंफर्म होना जरूरी है ताकि सभी सीटों पर प्रवेश दिया जा सके। प्रदेश में नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में फैकल्टी की संख्या अच्छी खासी है। जबकि सिम्स बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर, महासमुंद, कांकेर, दुर्ग व जगदलपुर में फैकल्टी की भारी कमी है।

जानकारों का कहना है कि दुर्ग में एमबीबीएस की 200 सीटें हैं, लेकिन फैकल्टी 100 सीटों के लायक भी नहीं है। यही स्थिति कांकेर की है। वहां एनाटॉमी में एमडी डिग्रीधारी कोई फैकल्टी नहीं है। वहां एमएससी डिग्री वाला टीचिंग करवा रहा है। पहले पैथोलॉजी की भी कोई फैकल्टी नहीं थी। इसके बाद भी वहां एमबीबीएस का रिजल्ट 99 फीसदी आया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एमबीबीएस की पढ़ाई का लेवल क्या है? हालांकि कुछ निजी कॉलेजों में भी फैकल्टी पर्याप्त नहीं है। इसके बावजूद कॉलेजों को मान्यता मिल गई।

कई डॉक्टरों ने दूसरे कॉलेजों का मुंह तक नहीं देखा

नेहरू मेडिकल कॉलेज, सिम्स के कई डॉक्टर दूसरे मेडिकल कॉलेजों का मुंह तक नहीं देखे हैं। हां, ये अलग बात है कि निरीक्षण या दूसरी बैठक में जरूर जाते हैं। एक सीनियर डॉक्टर जून में रिटायर होंगे। वे डेमोंस्ट्रेटर से एचओडी बन गए। मतलब 35 साल से ज्यादा के करियर में वे रायपुर के अलावा कहीं नहीं गए। एक अन्य मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर का तबादला जगदलपुर हुआ था। हाईकोर्ट ने स्टे पर रोक भी हटा दी, लेकिन रसूखदार डॉक्टर कॉलेज में रुकने में सफल रहे। ऐसे कई उदाहरण है, जिसमें डॉक्टर दूसरे मेडिकल कॉलेज नहीं जाना चाहते।

कई डॉक्टर नहीं चाहते प्रमोशन, क्योंकि रायपुर से होगा ट्रांसफर

नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर में कई डॉक्टर 24-24 साल जमे हुए हैं। कई डॉक्टर 15 सालों से है। कुछ डॉक्टर यहां ज्वॉइन किए हैं और रिटायर भी होने वाले हैं। हर कोई रायपुर में रहना चाहता है इसलिए प्रमोशन भी नहीं चाहते। उदाहरण के लिए एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद पर प्रमोट किया जाएगा। विभागों में प्रोफेसर के पद सीमित है। ऐसे में जिन डॉक्टरों को प्रमोट किया जाएगा, स्वाभाविक है उनका तबादला दूसरे मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। कई डॉक्टर तो अभी से आशंकित है कि प्रमोशन होगा और वे दूसरे कॉलेज चले जाएंगे। इससे उनका जमा जमाया प्राइवेट प्रेक्टिस भी प्रभावित होगा।

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की स्थिति

कुल पद रिक्त

प्रोफेसर 235 108

एसो. प्रोफेसर 395 183

असि. प्रोफेसर 556 338

सीनियर रेसीडेंट 402 286

डेमोंस्ट्रेटर 301 122

Published on:
10 Apr 2025 01:59 pm
Also Read
View All

अगली खबर