
रायपुर. राजधानी में घर पर रहकर इलाज कराने वाले कोराना (Coronavirus Chhattisgarh Update) संक्रमित मरीजों ने शासकीय डॉक्टरों पर ज्यादा भरोसा जताया है। रविवार तक 2820 कोरोना संक्रमितों ने शासकीय डॉक्टरों का सहारा लिया है। इसके विपरीत 1202 ने निजी अस्पतालों के डॉक्टरों की निगरानी में रहने की स्वीकृति दी है।
इससे साफ है कि लोगों को निजी की अपेक्षा शासकीय डॉक्टरों पर ज्यादा भरोसा है। कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन के लिए शासन ने जैसे ही नियम शिथिल किए, बिना लक्षण वाले व ऐसे लोग जिन्हें कोई और गंभीर बीमारी नहीं है, उनमें से अधिकांश लोग होम आइसोलेशन मे रहकर ही इलाज करा रहे हैं। रायपुर के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में मरीज घर पर रहने का विकल्प चुन रहे हैं। इनमें से ज्यादातर लोग वही हैं, जिन्हें कोरोना के अलावा कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है या फिर कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं हैं।
वेब पोर्टल में अनुमति
होम आइसोलेशन मे रहने के लिए सीजी ई-पास ऐप से अनुमति ली जा सकती है। इसके अलावा सीजी हाट नाम की बेबसाइट से दवाएं भी घर पर मंगाने की सुविधा दी गई है। रायपुर की जानकारी फिलहाल होम आइसोलेशन कोविड-19 की वेबसाइट में भी दिखाई दे रही है। इसमें निजी अस्पतालों में डाक्टरों के नाम-नंबर, निशुल्क और पेड आइसोलेशन, होम और होटल आइसोलेशन व होम आइसोलेशन के लिए निजी डॉक्टरों के नाम-नंबर भी दिए गए हैं।
होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दवा घर पर
होम आइसोलेशन के इच्छुक मरीजों से अंडरटेकिंग लेने के अलावा मरीज का घर की जांच कर कोविड प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं, इसका परीक्षण करने के लिए एक टीम बनाई गई है, जो लगातार राजधानी में अपना काम कर रही है। टीम मरीजों की मानीटरिंग भी कर रही है।
वीडियो कॉल से मॉनिटरिंग
होम आइसोलेशन के मरीजों की रोजाना मॉनिटरिंग हो रही है। इसके तहत कॉल सेंटर या कंट्रोल रूम से रैंडम तरीके से मरीजों का हालचाल जानने के लिए ऑडियो और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल भी किए जा रहे हैं।
होम आइसोलेशन प्रभारी विनीत नंदनवार ने कहा, होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग शासकीय डॉक्टरों पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। होम आइसोलेशन में रहने वालों का रिकवरी रेट भी बेहतर है।