Chhath Puja 2024: 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर छठ व्रती जलाशय घाटों पर पूजा वेदी गन्ने के मंडप से जाकर विधि-विधान से पूजन करेंगे और ढलते सूर्यदेव को पहला अर्घ्य अर्पण करेंगे।
Chhath Pooja 2024: सूर्य उपासना महापर्व के दूसरे दिन बुधवार को घर-घर छठ मइया की पूजा-आराधना कर व्रतियों ने खरना विधान संपन्न किया। कार्तिक शुक्ल षष्टी तिथि पर गुरुवार को महादेवघाट समेत शहर के 50 तालाबों के पूजा घाट में आस्था छलकेगी। छठ मइया के गीतों की बहार रहेगी। 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर छठ व्रती जलाशय घाटों पर पूजा वेदी गन्ने के मंडप से जाकर विधि-विधान से पूजन करेंगे और ढलते सूर्यदेव को पहला अर्घ्य अर्पण करेंगे। दूसरा अर्घ्य उगते हुए सूर्य को देकर जल ग्रहण करेंगे।
छठ पूजा पर्व को लेकर उत्तर भारतीय समाज में खासा उत्साह है। कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए थे। नदी, तालाब घाटों की सफाई से लेकर पूजन वेदी तैयार किए। अनेक प्रकार की पूजन सामग्री की खरीदारी की। छठ पर्व पर शाम के पहर में गीत गाते, नंगे पांव, सिर पर पूजन सामग्री की डलिया, सूप लिए पूजन घाटों की ओर रुख करेंगे।
पूजन का यह उल्लास देखने लायक होता है, जब लोग सपरिवार शामिल होते हैं। छठ पर्व पर विधि-विधान से पूजा-आरती कर भक्ति गीतों का आनंद उठाएंगे। महादेवघाट में अंतर्राष्ट्रीय गायकों के साथ ही छत्तीसगढ़ी कलाकारों की महफिल सजेगी। इसी तरह अनेक स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूजन घाट रोशनी से जगमगा रहे हैं।
छठ व्यास तालाब सजधज कर है। इसी तरह सभी पूजा घाटों पर तैयारियां की गई हैं। भोजपुरी समाज एवं छठ पूजा समिति व्यास तलाब वीरगांव में भव्य आयोजन होगा। वरिष्ठ सदस्य रंजय सिंह और रविंद्र सिंह ने बताया बिरगांव, हीरापुर और उरला में उत्तर भारतीय और बिहार समाज के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। जहां सभी शामिल होंगे।
पूजा उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अनेक नेता समाज के बीच पहुंचेंगे। छठ पूजा पर्व की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करेंगे।