छत्तीसगढ़ में मवेशी तस्करों का नेटवर्क तगड़ा है। यह कारोबार रायपुर से ओडिशा और हैदराबाद तक फैला है। रायपुर पुलिस ने 6 मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले खारून नदी के पास मवेशी तस्करों की घेराबंदी की गई थी। इसके बाद तस्कर मवेशियों से भरी कंटेनर छोड़कर भाग निकले थे। आमानाका पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।

छत्तीसगढ़ में मवेशी तस्करों का नेटवर्क तगड़ा है। यह कारोबार रायपुर से ओडिशा और हैदराबाद तक फैला है। रायपुर पुलिस ने 6 मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले खारून नदी के पास मवेशी तस्करों की घेराबंदी की गई थी। इसके बाद तस्कर मवेशियों से भरी कंटेनर छोड़कर भाग निकले थे। आमानाका पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।
जांच के दौरान कंटेनर के कुम्हारी, तरपोंगी, मंदिरहसौद, पटेवा और जगतरा टोल से वाहन के फास्टैग डिटेल के साथ ही सीसीटीवी फुटेज निकाला गया। इससे कंटेनर के असली नंबर का पता चला। साथ ही मंदिरहसौद के ग्राम कुकरा निवासी खेमचंद साहू का पता चला। खेमचंद ने 24 मवेशियों को धमतरी के ओंकार कुर्रे को बेचा था। पुलिस ओंकार तक पहुंची। उसे पूछताछ में उसने ओडिशा में हैदराबाद के इब्राहिम कुरैशी और उसके साथियों को मवेशी बेचने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने इब्राहिम, उसके साथी सानू कुरैशी, आमीर रजा, शहनवाज खान को भी गिरफ्तार किया। इसके अलावा ओंकार और खेमचंद को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ कंटेनर का नंबर बदलने के कारण धोखाधड़ी, कूटरचना, पशु क्रूरता अधिनियम आदि धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी को जेल भेज दिया गया है।