
छात्रों का प्रदर्शन (photo source- पत्रिका)
Gajendra Yadav Resignation Demand: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के घटनाक्रम के बीच अब छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध तेज हो गया है। 12वीं बोर्ड के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग उठने लगी है। इसी मांग को लेकर रविवार को राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को एनएसयूआई का भी समर्थन मिला।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता खत्म हो रही है और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ ऐसी घटनाएं अन्याय हैं। इसलिए सरकार को सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी और सख्त कानून बनाया जाए। उनका कहना था कि जब तक ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की भी मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने री-नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद आत्महत्या करने वाली हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का मानसिक दबाव छात्रों पर गंभीर असर डालता है, इसलिए सरकार को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना चाहिए।
प्रदर्शन को एनएसयूआई का भी समर्थन मिला। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू करना, परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना तथा हरिका राव के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देना शामिल है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
Updated on:
26 Jul 2026 03:03 pm
Published on:
26 Jul 2026 03:03 pm
