
टोलाघाट ठकुराइन टोला का लक्ष्मण झूला (Photo Patrika)
Chhattisgarh Tourism: त्रिलोचन मानिकपुरी। राजधानीवासियों के लिए ठकुराइन टोला घाट अब नया पसंदीदा पिकनिक डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। रविवार की छुट्टी का आनंद लेने बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचे। सुबह से ही घाट पर चहल-पहल रही और शाम तक पर्यटकों की भीड़ जुटी रही। खारुन नदी में स्नान, प्राकृतिक वातावरण और नए बने लक्ष्मण झूले ने लोगों को खासा आकर्षित किया।
रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ ठकुराइन टोला घाट पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने खारुन नदी में स्नान कर गर्मी और उमस से राहत महसूस की। नदी किनारे सुरक्षा के साथ लोग घंटों तक पानी में मस्ती करते नजर आए।
घाट पर बनाया गया नया लक्ष्मण झूला पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। यहां लोगों ने सेल्फी और फोटो खिंचवाईं। झूले से खारुन नदी और आसपास का प्राकृतिक नजारा देखने के लिए दिनभर लोगों की आवाजाही लगी रही।
खारुन नदी के बीच बने महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
घाट के दोनों किनारों पर पहुंचे परिवारों ने पिकनिक का भरपूर आनंद लिया। कई लोग अपने साथ घर से भोजन बनाकर लाए थे, जबकि कुछ ने मौके पर ही भोजन तैयार किया। पेड़ों की छांव में बैठकर परिवारों ने समय बिताया और बच्चों ने खुले वातावरण में खेलकूद का आनंद लिया।
ठकुराइन टोला घाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और बेहतर सुविधाओं के कारण धीरे-धीरे रायपुरवासियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से यह स्थान राजधानी के प्रमुख स्थानीय पर्यटन और पिकनिक स्थलों में शामिल होता दिखाई दे रहा है।
मंदिर परिसर में महादेव घाट की तर्ज पर लक्ष्मण झूले का निर्माण किया है, गया जो काफी आकर्षक है। पर्यटक इस झूले को देखने दूर-दूर से आ रहे है। जिससे ठकुराइन टोला आस्था के साथ पर्यटन का केंद्र बन गया है। इस झूले का लोकार्पण नहीं किया गया है, लेकिन फिर लोग यहां पहुंचकर आनंद ले रहे है। लक्ष्मण झूले से नदी पार कर मंदिर तक पहुंचना सुविधाजनक और रोमांचक बन जाएगा।
यह मंदिर रायपुर से लगभग 18-20 किलोमीटर की दूरी पर, भांठागांव, दतरेंगा और परसदा होते हुए खट्टी ग्राम के पास स्थित है। खट्टी से खारून नदी तक एक सीसी रोड पहुंच मार्ग है। नदी पर बने पुल को पार करते ही संगम पर स्थित यह दिव्य मंदिर दिखाई देता है। अब यह स्थान केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर भी उभर रहा है। प्रकृति, श्रद्धा और संस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में विकसित हो रहा यह मंदिर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है।
Updated on:
26 Jul 2026 06:25 pm
Published on:
26 Jul 2026 06:24 pm
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