
रायपुर. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार एक नया प्रयोग करने जा रही है। इसके तहत बिल्ड ऑन ऑपरेट एंड ट्रांसफर फॉर्मूले पर राज्य के 6 शहरों में 100-100 बिस्तरों के अस्पतालों को मंजूरी दी गई है। इस प्रयोग के तहत राज्य सरकार निजी कंपनी को तयशुदा जगहों पर सिर्फ जमीन मुहैया कराएगी। बाकी सुविधाएं निजी कंपनी जुटाएगी।
इसके लिए राज्य सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है। प्रयोग के तौर पर रायपुर जिले के नया रायपुर और मठपुरैना, धमतरी जिले के कुरूद, बलौदाबाजार जिले के भाटापारा, दुर्ग जिले के खुर्सीपार तथा कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ में अस्पताल खोलने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने जमीन आरक्षित कर ली है। निर्माण और संचालन शुरू होते ही इन अस्पतालों की मॉनिटरिंग स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जिम्मे आ जाएगी। एक अस्पताल के निर्माण पर 10 से 15 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है।
इस प्रयोग के सफल होने के बाद राज्य सरकार प्रदेश के अन्य हिस्सों में इसी फॉर्मूले को अपनाने के संकेत दिए हैं। निजी कंपनियां सरकार के इस प्रयोग का हिस्सा बनने के लिए रजामंद होती है तो इसका विस्तार करने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक कंपनियों से चर्चा के बाद ही इस फॉर्मूले के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में कसावट लाने की योजना पर अमल किया जाएगा।
राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 50 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। खासकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की बेहद कमी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग जिन डॉक्टरों की भर्ती करता है, उनमें से अधिकांश ज्वाइन ही नहीं करते। जो ज्वाइन कर लेते हैं, वे भी कुछ समय बाद इस्तीफा देकर निजी संस्थानों का रूख कर जाते हैं। सरकारी पैकेज कम होने का हवाला देते हुए डॉक्टर शासकीय अस्पतालों में सेवा देने से कतरा रहे हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में देने की तैयारी है।
(आंकड़े हेक्टेयर में)
स्वास्थ्य सेवाएं की संचालक रानू साहू ने कहा कि बिल्ट-ऑपरेट एंड ट्रांसफर फॉर्मूले पर राज्य में 100-100 बिस्तर के 6 अस्पताल खोलने की योजना है। इच्छुक संस्थाओं को शासन की ओर से सिर्फ जमीन दी जाएगी। बाकी सारी सुविधाएं निजी संस्था जुटाएगी। अगस्त में इस प्रोजेक्ट पर अंतिम निर्णय होगा।