
राज्योत्सव में परिवहन विभाग की प्रदर्शनी (photo Patrika)
Chhattisgarh State Festival 2026: छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल में परिवहन विभाग की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। “सड़क सुरक्षा—जीवन रक्षा” और “सुरक्षित यात्रा, समृद्ध छत्तीसगढ़” की थीम पर आधारित प्रदर्शनी में विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों के मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के निःशुल्क पास भी मौके पर बनाए जा रहे हैं। प्रदर्शनी के मुख्य द्वार को बस की प्रतिकृति, ट्रैफिक सिग्नल और बड़ी एलईडी स्क्रीन से सजाया गया है। स्क्रीन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
प्रदर्शनी में ग्रामीण बस सेवा के निःशुल्क पास बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नेत्रहीन एवं बौद्धिक दिव्यांगजन, दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांगजन, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और एचआईवी-एड्स से प्रभावित व्यक्ति छत्तीसगढ़ राज्य में यात्रा के लिए 100 प्रतिशत किराया छूट के पात्र हैं। उनके एक सहायक को भी यह छूट दी जाती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को एक दिन में सर्वाधिक निःशुल्क बस पास वितरित करने के लिए परिवहन विभाग का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। प्रदर्शनी स्थल पर दस्तावेजों का सत्यापन कर पास तत्काल बनाए जा रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ी में संदेश दिया जा रहा है “आवव करन अपन सुरक्षा बर पांच परन, काबर जान हावय त जहान हावय।” इसके तहत हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन नहीं चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात नहीं करने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की जा रही है। चित्रों और मॉडल के माध्यम से ये संदेश सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री राहत योजना की जानकारी भी दी जा रही है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को अस्पताल पहुंचाने से मृत्यु की आशंका कम हो सकती है। लोगों से आपात स्थिति में 108 या 112 हेल्पलाइन पर कॉल करने की अपील की जा रही है।
ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) और रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) स्थापित किए जा रहे हैं। कुल 16 केंद्रों को अनुमति दी गई है। इनमें जगदलपुर और बिलासपुर में दो आरडीटीसी तथा दंतेवाड़ा, गरियाबंद, सूरजपुर, कोरबा, सरगुजा, राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा में दो, कबीरधाम, दुर्ग, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद में डीटीसी शामिल हैं। ड्राइविंग टेस्ट को पारदर्शी बनाने के लिए सीसीटीवी और सेंसर आधारित कम्प्यूटरीकृत ई-ट्रैक प्रणाली शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बस सेवा पहुंचाना है। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग में 100 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रथम वर्ष 26 रुपये, द्वितीय वर्ष 24 रुपये और तृतीय वर्ष 22 रुपये दी जा रही है। वहीं, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के अंतर्गत अब तक 6,278 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं, जिनमें 3,336 शासकीय वाहन शामिल हैं। रायपुर में दो और दुर्ग में एक स्क्रैपिंग केंद्र शुरू हो चुका है। प्रदर्शनी देखने पहुंचे ग्राम तुलसी केअमन श्रीवास ने कहा कि परिवहन विभाग की प्रदर्शनी उपयोगी है। यहां योजनाओं की जानकारी के साथ निःशुल्क बस पास भी तत्काल बनाए जा रहे हैं। यह सुविधा बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के पांच नियमों को छत्तीसगढ़ी में समझाने की पहल सराहनीय है।
Updated on:
2 Nov 2026, 6:13 PM IST
Published on:
2 Nov 2026, 6:13 PM IST
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