रायपुर में नाइजीरियन लोग ऑनलाइन ठगी करते थे अब आईगोरियन भी धोखाधड़ी कर रहे हैं
रायपुर. सोशल साइट में इंग्लैंड की युवती के नाम से दोस्ती करना और फिर कारोबार के नाम पर दवा कारोबारी को ठगने वाला मुख्य आरोपी आईगोरियन एमेडोउ कोनन है। यह अफ्रीका के कोस्टाडिवोर का रहने वाला है।
यहां के लोगों को आईगोरियन कहा जाता है। अब तक रायपुर में नाइजीरियन लोग ऑनलाइन ठगी करते थे। अब आईगोरियन भी धोखाधड़ी कर रहे हैं। रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने कोनन को नवी मुंबई के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया। रविवार को उसे रायपुर लाया गया है। यह पहला मौका है, जब आईगोरियन गिरोह का सरगना गिरफ्तार हुआ है।
उल्लेखनीय है कि दवा कारोबारी अनिल खंडेलवाल की फेसबुक के माध्यम से इंग्लैंड की मार्शल मारिया से दोस्ती हुई। मार्शल ने खुद को एनीको फार्मा की कर्मचारी बताया था। अनिल और मार्शल के बीच फेसबुक में चैटिंग होती रही। इस दौरान अनिल ने अपने कारोबार के बारे में जानकारी दी। कारोबार की जानकारी मिलते ही मार्शल ने अपनी कंपनी के लिए हर्बल नट (मोगैंगो) का आर्डर अनिल को दिया। आर्डर मिलने पर अनिल ने हर्बल नट की आपूर्ति करने के लिए मुंबई के रॉयल ट्रेडिंग मर्चेंट कंपनी की मैनेजर प्रियंका जैन से संपर्क किया और सैंपल के तौर पर दो यूनिट हर्बल नट सैंपल के तौर पर मंगया। इसके एवज में उसने कंपनी को ३ लाख ७० हजार रुपए का भुगतान किया। इसके बाद मार्शल के कहने पर सैंपल लेने के लिए एनीको कंपनी का रिप्रेजेंटेटिव बनकर डेविड मोरिस दिल्ली से रायपुर आया। उसने अनिल से एयरपोर्ट में ही मुलाकात की। अनिल ने सैंपल दिया। सैंपल की जांच के बाद डेविड ने कहा कि वह कम से कम 40 यूनिट सैंपल देखना चाहता है, तभी 100 यूनिट हर्बल नट सप्लाई करने का आर्डर कंपनी देगी।
इसके बाद अनिल ने रॉयल ट्रेडिंग मर्चेंट की प्रियंका से संपर्क किया और ४० यूनिट की मांग की। इसके लिए प्रियंका ने 34 लाख मांगे। अंत में 10 लाख पर प्रियंका राजी हो गई। अनिल ने अगले दिन 10 लाख का आरटीजीएस प्रियंका के बताए खाते में किया। इसके बाद कंपनी ने 40 के जगह पर 10 यूनिट ही भेजा था और बिल भी नहीं दिया था। बाद में प्रियंका ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। अनिल ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मुंबई के तीन लोगों को पकड़ा था, जो आईगोरियन गिरोह से जुड़े थे।
दवा कारोबारी अनिल से इंग्लैंड की मार्शल मारिया बनकर दोस्ती करने वाला एमेडोउ ही था। उसने मार्शल के नाम पर फर्जी फेसबुक आइडी बना रखी थी और खुद को युवती बताता था। हर्बल नट का सैंपल देखने के लिए डेविड बनकर रायपुर आने वाला भी एमेडोउ ही था। एमेडोउ ने एेसी कई फर्जी फेसबुक आइडी बना रखी है, जिससे वह लोगों को झांसे में लेता है और ऑनलाइन ठगी करता है।
अफ्रीकन नागरिक एमेडोउ की तरह मुंबई और दिल्ली में कई आइगोरियन हैं, जो टूरिस्ट वीसा पर आए हैं। ये होटलों में ठहरते हैं या किराए के मकान में रहते हैं। इसके बाद ठगी करते हैं। अपने नाम से बैंक खाता नहीं खुलवा सकते हैं। इस कारण स्थानीय युवकों को फंसाते हैं और कमीशन देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रंासफर करने में करते हैं।
नवी मुंबई इलाके में रिद्धी-सिद्धी रेसीडेंसी में एमेडोउ अपना नाम-पता बदलकर अफ्रीकन नागरिक एमेडोउ की तरह मुंबई और दिल्ली में कई आइगोरियन हैं, जो टूरिस्ट वीसा पर आए हैं। ये होटलों में ठहरते हैं या किराए के मकान में रहते हैं। इसके बाद ठगी करते हैं। अपने नाम से बैंक खाता नहीं खुलवा सकते हैं। इस कारण स्थानीय युवकों को फंसाते हैं और कमीशन देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रंासफर करने में करते हैं। नवी मुंबई इलाके में रिद्धी-सिद्धी रेसीडेंसी में एमेडोउ अपना नाम-पता बदलकर रह रहा था।
डीएसपी क्राइम अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि आरोपी ने बताया है कि उसने राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश और आंध्रप्रदेश में कई ठगी की है। रायपुर पुलिस ने संबंधित राज्यों की पुलिस को इसकी सूचना दे दी है। उससे मिली अन्य सूचनाओं की पुलिस जांच कर रही है।