
Alderman Appointment: राज्य शासन ने प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में से फिलहाल केवल 35 निकायों में ही एल्डरमैन की नियुक्ति की है। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस फैसले से आंशिक राहत मिली है, लेकिन अधिकांश निकायों में अब भी दावेदारों को इंतजार करना पड़ेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगरीय निकाय चुनाव नजदीक आने के बीच संगठन और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने यह नियुक्तियां की हैं।
हालांकि, सीमित निकायों में ही नियुक्ति होने से बड़ी संख्या में दावेदार अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूची पर नजर डालें तो कई स्थानों पर पार्टी के पुराने और सक्रिय नेताओं के समर्थकों तथा लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है।
जिन 35 निकायों में एल्डरमैन की नियुक्तियों की सूची जारी की गई है। उसे लेकर अब भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर जाहिर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर चले विरोध के अनुसार रायपुर नगर निगम में जिन 11 एल्डरमैन की नियुक्ति की गई है, उसमें से एक नाम को लेकर कार्यकर्ताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है।
इसे पूर्व कांग्रेसी बताया जा रहा है, साथ ही पूर्व महापौर का करीबी भी बताया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि यह पूर्व कांग्रेसी एक भाजपा के बड़े नेता के पास भी काम करता था। फिलहाल वह भाजपा में है। वहीं, बिलासपुर में भी सूची को लेकर विरोध होने लगा है। बिलासपुर के मामले में वहां के नेताओं से राय तो ली गई, नामों को तवज्जो नहीं दी गई है।
वहीं, कई दावेदारों के नाम सूची में नहीं आने से उनके बीच निराशा भी देखी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार आने वाले दिनों में शेष निकायों के लिए भी एल्डरमैन नियुक्ति की दूसरी सूची जारी कर सकती है। फिलहाल पहली सूची में सिर्फ 35 निकायों को शामिल किए जाने से बाकी 159 नगरीय निकायों में नियुक्तियों को लेकर अटकलों का दौर जारी है।
उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री अरुण साव ने बताया कि अभी बड़े शहरी निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति की सूची जारी हुई है। बाकी बचे निकायों में भी जल्द एल्डरमैनों की नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। ये सच है कि एल्डरमैन के दावेदार बहुत लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, अब उनका इंतजार खत्म हुआ है। आगे और सूची जारी होगी।