CG LPG Supply: युद्ध के असर से छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हो गई है। लोगों द्वारा लगातार बुकिंग करने से शॉर्टेज की स्थिति बन गई है।
Gas Cylinder Shortage: युद्ध के कारण छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित है। मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में तो कॉमिर्शियल गैस की सप्लाई ही बंद कर दी गई है। सिलेंडर न मिलने के डर से लोग धड़ाधड़ घरेलू गैस की बुकिंग कर रहे, इसके कारण शार्टेज की स्थिति हो गई है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में सिर्फ 5 दिन तक का ही गैस सिलेंडर उपलब्ध है, यदि इन पांच दिनों के भीतर पारदीप स्थित बंदरगाह से प्रदेश में गैस सिलेंडर नहीं पहुंचे तो हालत खराब हो जाएगी और होटल-रेस्टोरेंट व कैटरिंग इंडस्ट्री समेत अन्य स्थान बंद हो जाएंगे।
इस स्थिति को जानने व समझने के लिए पत्रिका की टीम ने शहर के अलग-अलग गैस एजेंसी में जाकर पड़ताल की तो यह स्थिति सामने आई। वहीं, स्थिति को देखते हुए अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर को नोडल अधिकारी और खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
3.40 बजे पत्रिका की टीम बैरन बाजार स्थित लक्ष्मी गैस एजेंसी (भारतगैस) पहुंची। यहां लोगों की लंबी लाइन सिलेंडर लेने के लिए लगी थी। कोई केवाईसी के लिए चक्कर काट रहा था, तो कोई घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचने पर परेशान था। इस दौरान संजय नगर निवासी सराफत अंसारी ने बताया कि वे कई दिनों से सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अबतक उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला है।
यहां तक कि सोमवार को जब एजेंसी गया तो, कार्यालय में बैठे कर्मचारी ने कहा कि सोमवार को ही घर पहुंच जाएगा, पर नहीं पहुंचा। अगले दिन मंगलवार को एजेंसी गया तो महिला कर्मचारी ने शाम तक सिलेंडर घर पहुंचने की बात कही। लेकिन अंसारी ने पत्रिका से बताया कि 2 मार्च को उन्होंने गैस की बुकिंग की थी, तो उसी दिन डिलवरी का मैसेज आ गया था, जब पूछा गया तो सिलेंडर आ जाएगा कह दिया गया। जबकि एजेंसी के बाहर सिलेंडर से भरी गाड़ी से उसे सिलेंडर नहीं दिया गया।
5.50 बजे पत्रिका की टीम लाखेनगर चौक स्थित पानी टंकी के पास गोडवाना गैस एजेंसी (इंडेन) पहुंची। यहां भी सिलेंडर लेने वालों की काफी भीड़ थी। इस दौरान एक शख्स ने बताया कि बुकिंग किए काफी दिन हो गए हैं, अबतक सिलेंडर घर नहीं पहुंचा है। उन्हें डर है कि युद्ध के कारण सिलेंडर मिलेगा कि नहीं। इसी डर से गैस एजेंसी में अब हर दिन काफी संख्या में गैस सिलेेंडर लेने लोगों की लाइन लग रही है।
कई लोगों का तो यह भी कहना था कि गैस को घर पहुंचने में समय लग रहा है तो वे यहीं से सिलेंडर ले जाएंगे। हालांकि एजेंसी में सिलेंडर को लेकर किल्लत तो नहीं है, लेकिन जिस अनुसार लोगों की भीड़ सिलेंडर लेने पहुंच रही है, दो से तीन दिनों में घरेलू सिलेंडर को लेकर भी किल्लत हो जाएगी।
युद्ध का असर देश में पड़ते ही धड़ाधड़ गैस सिलेंडर बुक किए जा रहे थे। हालत यह रही कि दोपहर में काफी संख्या में लोगों ने गैस सिलेंडर बुक करने लगे। इस कारण कुछ समय के लिए सिलेंडर बुक नहीं हो रहा था। हालांकि शाम होते-होते सिलेंडर की बुकिंग फिर से शुरू कर दी गई।
बाजार में हालत यह है कि यदि सही समय पर गैस सिलेंडर नहीं पहुंचे तो, लोगों को घरों में इंडक्शन का इस्तेमाल करना पड़ जाएगा। इसके कारण खर्च भी बढ़ जाएंगे, क्योंकि इंडक्शन में इस्तेमाल होने वाले सारे बर्तन खरीदने पड़ेंगे। क्योकि गैस में काम आने वाले बर्तन इस मशीन में काम नहीं आते। इसलिए इसकी डिमांड बढ़ जाएगी।