
रायपुर. सावन का महीना शुरू हो चुका है। राजधानी के लोगों को अब भी अंधेरी गलियों से गुजरना पड़ रहा है। यह सिर्फ सावन माह में नहीं हो रहा है।
पिछले कुछ महीनों से राजधानीवासियों को इसी तरह अंधेरी गलियों से गुजरना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद बंद स्ट्रीट लाइट को मरम्मत करने की जहमत न तो ठेका कंपनी इइएसल और न ही निगम उठा रहा है। स्ट्रीट लाइट के खंभों में जब से एलइडी बल्ब लगाए गए हैं, तब से आए दिन लाइट बंद-चालू हो रही है। बारिश होते ही एलइडी बल्ब बंद हो जाते हैं। इससे मोहल्ले और बस्तियों की गलियों में अंधेरा पसर जाता है।
शहर के सभी 70 वार्डों में लगे एलइडी बल्ब फ्यूज हो जाते हैं या कभी कार्बन आने के कारण लाइन में खराबी आ जाती है। इस संबंध में जब ठेका कंपनी को फोन किया जाता है, तो विद्युत वितरण कंपनी की लाइन में खराबी बताकर वहां फोन लगाने को कहते हैं। वहीं जब विद्युत वितरण कंपनी के शिकायत केंद्र में फोन करते हैं, तो वहां से जवाब मिलता है कि लाइन में कोई खराबी नहीं है। एलइडी लाइट में कार्बन आ गया है, इसलिए बंद है। जिसे ठेका कंपनी या निगम द्वारा सुधारा जाएगा।
शहर की स्ट्रीट लाइट के खंभों में जब से एलइडी बल्ब लगे हैं, तो सभी ७० वार्डों के पार्षद परेशान है, क्योंकि एेसा कोई भी दिन नहीं जाता है कि उनके पास स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत नहीं आती है। पार्षदों का कहना है कि पहले जो बल्ब लगे थे, वहीं ठीक था, कम से कम जनता की शिकायतें तो नहीं आती थीं। जब से एलइडी लगी है, तब से हर शाम कम से कम पांच से सात फोन बल्ब सुधारने के लिए आते हैं।
नगर निगम आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायतों को प्राथमिकता से लेने के निर्देश ठेका कंपनी के अधिकारियों को दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट बंद होने पर कंपनी द्वारा टोल फ्री नंबर पर शिकायत करा सकते हैं।
मठपुरैना के पास स्थित कृष्णा होम्स कॉलोनी में एक बिजली खंभे की लाइट पिछले 15 दिनों से बंद पड़ी हुई है। जबकि आसपास के बल्ब चालू है। इसकी शिकायत बिजली विभाग से लेकर ठेका कंपनी इइएसल तक में की गई है, लेकिन आज तक ठीक नहीं करा पाए। राजधानी में 55 हजार स्ट्रीट लाइट के खंभे हैं। 500 खंभों की लाइट हमेशा बंद रहती है।