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मजदूरों के हक में बड़ा फैसला, अब 10 दिन लगातार काम नहीं करा सकेंगे ठेकेदार, जानें क्या-क्या मिलेंगे फायदे?

Labour Code Rules 2026: छत्तीसगढ़ में मजदूरों और ठेका श्रमिकों के अधिकारों को लेकर सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। मजदूरी संहिता नियम-2026 के तहत अब सामान्य कार्यदिवस 8 घंटे का होगा।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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राहुल जैन

•

Updated: 2 Nov 2026, 9:12 AM IST

Chhattisgarh Labour Code 2026

मजदूरों के हक में बड़ा फैसला (फोटो सोर्स- AI)

रायपुर@राहुल जैन। Chhattisgarh Labour Code 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम-2026 लागू कर श्रमिकों और मजदूरों के कई अहम अधिकार स्पष्ट कर दिए हैं। अब सामान्य कार्यदिवस 8 घंटे का होगा, सप्ताह में 48 घंटे से अधिक नियमित काम नहीं कराया जा सकेगा और हर कर्मचारी को कम से कम एक दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। यदि अवकाश के दिन काम कराया जाता है तो नियमों के अनुसार ओवरटाइम दर से भुगतान करना होगा और बदले में वैकल्पिक छुट्टी भी देनी होगी।

नए नियमों में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान की जिम्मेदारी भी मजबूत की गई है। जिस संस्थान में ठेका श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां का मालिक या कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि ठेकेदार को समय पर भुगतान मिले, ताकि मजदूरों की मजदूरी नियत तिथि पर अटके नहीं। नियमों में यह भी तय किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी के वेतन से अधिकृत कटौतियां 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाती हैं तो अतिरिक्त राशि एक साथ नहीं काटी जा सकेगी। उसे अगले महीनों में किस्तों में समायोजित किया जाएगा और किसी भी महीने में कुल कटौती वेतन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

मजदूरों के लिए ये बड़े अधिकार

  • दैनिक वेतन वाले कर्मचारियों के लिए सामान्य कार्यदिवस 8 घंटे तय।
  • नियमित कार्य अवधि 48 घंटे से ज्यादा नहीं।
  • हर सप्ताह कम से कम एक दिन छुट्टी।
  • छुट्टी के दिन काम पर ओवरटाइम भुगतान।
  • बिना पूरे दिन के विश्राम के 10 दिन से ज्यादा लगातार काम नहीं कराया जा सकेगा।

ठेका श्रमिकों के वेतन की जिम्मेदारी तय

संस्थान को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
एक महीने में 50 फीसदी से ज्यादा कटौती नहीं।
अधिक कटौती अगले महीनों में किस्तों में समायोजित होगी।

अगर छुट्टी वाले दिन काम कराया तो यह मिलेगा

  • कर्मचारी को बदले में वैकल्पिक अवकाश मिलेगा।
  • काम किए गए विश्राम दिवस का भुगतान ओवरटाइम दर से होगा।
  • बिना पूरे दिन की छुट्टी दिए लगातार 10 दिन काम नहीं कराया जा सकेगा।
  • संस्थान को ठेकेदार को समय पर भुगतान देना होगा ताकि मजदूरों की मजदूरी समय पर मिले।
  • नियम भुगतान प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाते हैं।

परिवार के लिए भी बड़ा प्रावधान

  • कर्मचारी अपने परिवार के सदस्यों के लिए नामांकन कर सकेगा।
  • मृत्यु के बाद मिलने वाली राशि नामित व्यक्ति को मिलेगी।
  • विवाह या परिवार बनने पर नामांकन अपडेट करने का प्रावधान रखा गया है।

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुताबिक, नई मजदूरी संहिता में श्रमिकों के हितों के लिए राज्य स्तर पर नियम तय किए गए हैं। इससे राज्य में श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकारों के संरक्षण तथा नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों का एक व्यवस्थित कानूनी आधार मिलेगा।