रायपुर

PMGSY में नियम बदलने का आरोप! उठ रहें सवाल- टेंडर बदले, नियम बदले- क्या 2225 करोड़ का खेल?

PMGSY Scam: रायपुर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के चतुर्थ चरण में 2225 करोड़ रुपए की सडक़ बनाना प्रस्तावित है।

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Feb 24, 2026
PMGSY में नियम बदलने का आरोप! उठ रहें सवाल- टेंडर बदले, नियम बदले- क्या 2225 करोड़ का खेल?(photo-patrika)

PMGSY Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के चतुर्थ चरण में 2225 करोड़ रुपए की सडक़ बनाना प्रस्तावित है। विशेषकर आदिवासी एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ 100 आबादी ग्रामों को बारामासी सडक़ से जोडा जाना है।

राज्य के 24 जिले में 774 किमी सडक़ बनाने की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता केके कटारे द्वारा 105 ग्रुप/पैकेज / समूह बनाकर निविदा आमंत्रित की गई है लेकिन, इसमें केंद्र सरकार द्वारा जारी नियमों में फेरबदल किया गया है। मानक निविदा को बदल दिया गया है।

PMGSY Scam: प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना

साथ ही 3 बार संशोधन किया गया है। निविदा के आमंत्रण के समय एफडीआर डबल राशि को बैंक गारंटी या उसको एफडीआर किया गया है। वहीं बिना कारण निविदा भरने की अंतिम तिथि 30 जनवरी 2026 कर ऑफ लाइन शपथ पत्र 2 फरवरी 2026 कर दिया गया है। इस घालमेल की शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई है। साथ ही पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा दिया गया है।

PMGSY Scam: इस तरह का बदलाव

निविदाकार को ऑफलाइन शपथपत्र जमा करने के लिए कम से कम 3 कार्यदिवस दिया जाना है लेकिन, इसे एक या दो दिन किया गया है। नियमानुसार सडक़ निर्माण के लिए जमीन उपलब्धता होनी चाहिए। जबकि स्वीकृत सडक़ो का निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। निविदाकार डामर प्लांट लीज पर ले सकता है। इसे बदलकर निर्माण क्षेत्र के 90 किमी का दायरा तय किया गया है।

वहीं निविदा दस्तावेज के अनुसार इस्टीमेड कास्ट के नीचे की निविदा पर रेट का एनालिसिस मंगाकर परीक्षण के बाद अतिरिक्त सुरक्षा निधि जमा कराने पर अनुबंध होगा। लेकिन, इसकी परिभाषा बदलकर 10 फीसदी से कम होने पर उतनी राशि का एडीआर या डबल बैंक गारंटी जमा करने पर अनुबंध की शर्त रखी गई है। वहीं निविदा की अंतिम तिथि को बढ़ाने के लिए सूचित कारण दर्शाते हुए ही बढ़ाया जाना है। लेकिन, नियमों को ताक पर रखकर निविदा में 3 बार संशोधन किया गया।

टेंडर बदलकर 2225 करोड़ रुपए के घोटाले की तैयारी

पहली बार एलडब्ल्यूई जिला पर 0.5 फीसदी को संशोधन कर 0.2 फीसदी, दूसरी बार 29 ब्लाक के लिए 15 को 33 फीसदी के साथ ही अन्य संशोधन किया। साथ ही 774 सडक़ों की बड़ी राशि का पैकेज 30-40 करोड़ की लागत का तीन चार ब्लॉक को जोडक़र निविदा आमंत्रित कर मानक निविदा दस्तावेज के विपरीत मनमानी शर्त जोड़ी है ताकि अपने चहेते ठेकेदार को निविदा देने पर आसानी हो सके।

मानक निविदा दस्तावेज के विपरीत अधीक्षण अभियंता से परफारमेन्स सर्टिफिकेट एनेक्जर 3 पर लेने की शर्त को जोडक़र निविदा सिस्टम को अपने मन मुताबिक कर लिया। ग्रामीण सडक़ विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता केके कटारे ने कहा की नियमों के तहत निविदा नियमों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करते हुए सडक़ निर्माण के लिए निविदा जारी की गई है।

ईओडब्ल्यू में जांच

मानक निविदा दस्तावेज अनुसार निविदाकार का पिछले 5 वर्ष का लिटीगेशन भरना है लेकिन निविदकार मुख्य अभियंता केके कटारे के खिलाफ ईओडब्ल्यू और एसीबी के साथ ही लोक आयोग में मामला दर्ज है। इसे देखते हुए लिटीगेशन कौन चेक करेगा। सडक़ों के लिए बड़ी-बड़ी राशि का पैकेज 30-40 करोड़ की लागत तथा तीन चार ब्लॉक को जोडक़र निविदा आमंत्रित की गई है।

इसमें मानक निविदा दस्तावेज के विपरीत जाकर मनमानी शर्त जोड़ी है ताकि अपने चहेते ठेकेदार को निविदा देने पर आसानी हो सके। उक्त सभी को देखते हुए एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में बनाए जाने वाले भ्रष्टाचार की सडक़ों के निविदा को निरस्त कर केंद्रीय शर्तो के अनुसार करने की मांग की गई है। साथ ही निविदा जारीकर्ता अधिकारी केके कटारे को हटाने का अनुरोध किया गया है।

Updated on:
24 Feb 2026 02:44 pm
Published on:
24 Feb 2026 02:43 pm
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