रायपुर

शराब घोटाले में अनिल टुटेजा को मिली अग्रिम जमानत… लेकिन मुश्किलें बरकरार कोर्ट ने रखी सख्त शर्तें

Anil Tuteja News: Anil Tuteja News: झारखंड शराब घोटाले में निलंबित IAS अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और दो सॉल्वेंट जमानत पर रिहाई के आदेश दिए हैं।

2 min read
May 05, 2026
शराब घोटाले में अनिल टुटेजा को मिली अग्रिम जमानत... लेकिन मुश्किलें बरकरार कोर्ट ने रखी सख्त शर्तें(photo-patrika)

Anil Tuteja News: छत्तीसगढ़ के निलंबित आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को कथित झारखंड शराब घोटाले में बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति पी.पी. साहू की एकलपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए टुटेजा को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के दो सॉल्वेंट जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है।

Anil Tuteja News: कोर्ट की शर्तें: जांच में सहयोग अनिवार्य

हाईकोर्ट ने जमानत के साथ स्पष्ट किया है कि टुटेजा को जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करना होगा। साथ ही उन्हें गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने की सख्त हिदायत दी गई है। अदालत ने यह भी कहा है कि यदि वे जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो एजेंसी को उनकी जमानत रद्द कराने का अधिकार होगा।

पहले खारिज हो चुकी है जमानत याचिका

गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले ही चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में टुटेजा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। ऐसे में इस नए मामले में जमानत मिलने के बावजूद उनकी जेल से रिहाई फिलहाल आसान नहीं मानी जा रही है।

EOW ने दर्ज किया मामला

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने टुटेजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और आईपीसी की धारा 420 व 120B के तहत केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर झारखंड में अवैध शराब कारोबार के लिए एक सिंडिकेट तैयार किया।

आबकारी नीति में बदलाव का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस कथित सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ के आबकारी मॉडल की तर्ज पर झारखंड की शराब नीति में बदलाव करवाया। इसके जरिए अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और करोड़ों रुपए का अवैध कमीशन अर्जित किया गया।

टुटेजा की दलील: “एवरग्रीन अरेस्ट” की साजिश

अग्रिम जमानत याचिका में टुटेजा की ओर से तर्क दिया गया कि यह “एवरग्रीन अरेस्ट” यानी उन्हें लगातार जेल में रखने की साजिश है। दावा किया गया कि जब भी एक मामले में जमानत मिलने की स्थिति बनती है, तो उन्हें हिरासत में बनाए रखने के लिए नया मामला दर्ज कर दिया जाता है।

झारखंड में अलग FIR, आरोपी नहीं बनाए गए

इस मामले में झारखंड पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज की है, लेकिन वहां टुटेजा को आरोपी नहीं बनाया गया है। यही तर्क भी उनकी जमानत याचिका में प्रमुख आधार रहा।

रिहाई पर अभी भी संशय

हालांकि हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद अन्य मामलों में लंबित जांच और पूर्व मामलों के कारण टुटेजा की तत्काल रिहाई पर संशय बना हुआ है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य केसों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही उनकी रिहाई संभव हो पाएगी।

Updated on:
05 May 2026 12:09 pm
Published on:
05 May 2026 12:05 pm
Also Read
View All