
छत्तीसगढ़ में बनेगा अपना औद्योगिक सुरक्षा बल (Photo AI)
CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तर्ज पर अपना छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (सीजीएसआईएसएफ) गठन करने का रास्ता खुल गया है। इसके लिए मार्च 2025 में विधानसभा में विधेयक पारित हुआ था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसके संचालन से जुड़े नियमों की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो गई है। इसके बाद सीजीएसआईएसएफ को निजी व सार्वजनिक उपक्रमों के साथ एयरपोर्ट, धार्मिक स्थलों जैसे अन्य स्थानों की सुरक्षा का जिम्मा दिया जा सकता है।
बता दें कि सीजीएसआईएसएफ में अलग से नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार पुलिस बल और छत्तीसगढ़ के सशस्त्र बल से प्रतिनियुक्ति पर लेकर काम करेगी। इसके लिए बकायदा सेटअप भी तैयार कर लिया गया। उनके कामों की भी अलग-अलग व्याख्या कर ली गई है। प्रतिनियुक्ति अधिकत पांच साल के लिए होगी।
इस अधिकतम 1 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। प्रतिनियुक्ति के लिए कम से कम संबंधी संस्थान में 7 वर्ष की सेवा जरूरी है। इसके लिए प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों व कर्मचारियों को मूल वेतन का 12 फीसदी अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। यहां प्रतिनियुक्ति पर आने से पहले अन्य जरूरी प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
औद्योगिक स्थापनाओं, औद्योगिक उपक्रमों, निजी औद्योगिक उपक्रमों व संस्थाओं, वाणिज्यिक और वित्तीय संस्थाओं, विद्युत उत्पादन केन्द्रों, रिफायनरियों, धार्मिक महत्व के स्थानों, पुरातात्विक और विरासत स्थलों, हवाई अड्डों, हैलीपैड, राष्ट्रीय या राज्य राजमागों, शासकीय भवनों, मेट्रो नेटवर्क, स्वशासी निकायों आदि में इन बलों की नियुक्ति की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा परिसरों में विशिष्ट रूप से प्रशिक्षित बलों की तैनाती की जाएगी। इन्हें रासायनिक, रेडियोलॉजिकल, बॉयोलॉजिकल एवं नाभिकीय आपदाओं से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके अलावा आंतकवाद जैसे खतरों से उद्योगों को सुरक्षा प्रदाय करना। औद्योगिक संस्थाओं में होने वाली आगजनी एवं तोड़फोड़ से निपटने के लिए बल को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह बल साइबर हमला रोकने का भी काम करेगा।
अपनी सुविधा के अनुसार निजी व शासकीय संस्थान सीजीएसआईएसएफ की नियुक्ति कर सकते हैं। इसके लिए कम से कम 59 अधिकारी-कर्मचारी की तैनाती करना आवश्यक होगा। इसके लिए बकायदा सर्वेक्षण भी किया जाएगा। इनके वेतन भत्ते का भुगतान राज्य सरकार करेगी, लेकिन अन्य जरूरी खर्च जैसे बल के प्रबंधन,प्रशिक्षण, स्थापना, वर्दी, उपकरण, आयुध और गोला-बारूद, वाहन और ईंधन (पेट्रोल, ऑयल, ल्यूब्रिकेन्ट) एवं अन्य की पूरी लागत संबंधित संस्थान को उठाना होगा।
प्रारंभ में सीजीएसआईएसएफ पर होने वाला व्यय छत्तीसगढ़ सरकार के बजट अनुदान से किया जाएगा और ऐसे व्यय की प्रतिपूर्ति संबंधित परिनियोजन के स्थान से प्राप्त की जाएगी।बल के पूरे खर्च से संबंधित देयक प्रबंधन को प्रस्तुत करने पर, देयक की प्रतिपूर्ति संबंधित प्रबंधन के द्वारा अधिकतम 30 दिवस के भीतर की जाएगी। औद्योगिक इकाईयों से प्राप्त राशि का मिलान प्रतिवर्ष वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय से कराया जाएगा। इसके अलावा संबंधित संस्थान को बल के लिए परेड ग्राउंड, खेल मैदान, गार्ड क्वार्टर सहित अन्य सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
Updated on:
05 May 2026 11:25 am
Published on:
05 May 2026 11:24 am
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