रायपुर

Assembly elections : राज्यों में विधानसभा चुनाव में रणनीति बनाने में जुटे सियासी धुरंधर

देश के चार राज्याें असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने भी कमर कस ली है। पार्टी के दिग्गज नेता रणनीति बनाने में जुट गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने सियासी धुरंधरों को चुनावी मोर्चे पर उतारा है। नेता क्षेत्र के अनुसार सियासी […]

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Mar 22, 2026
Assembly elections : राज्यों में विधानसभा चुनाव में रणनीति बनाने में जुटे सियासी धुरंधर

देश के चार राज्याें असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने भी कमर कस ली है। पार्टी के दिग्गज नेता रणनीति बनाने में जुट गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने सियासी धुरंधरों को चुनावी मोर्चे पर उतारा है। नेता क्षेत्र के अनुसार सियासी समीकरण और रणनीति बनाने में जुटे हैं। असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी के लिए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा शासित राज्यों के अपने कद्दावर मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है। इन मंत्रियाें को चार से पांच विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि कांग्रेस ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल और पार्टी नेता विकास उपाध्याय को असम में भेजा है।

प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की तैयारी

राजनीतिक पार्टियों से लेकर प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग ने देशभर के आईएएस अफसरों की चुनावी ड्यूटी लगाई है। छत्तीसगढ़ से इस बार बड़ी संख्या में 19 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई। अधिसूचना जारी होते ही छत्तीसगढ़ के जिन आईएएस अफसरों की ड्यूटी लगाई है, वे रवाना हो गए हैं। ये अफसर चुनावी ड्यूटी के लिए 30 से 40 दिन तक प्रदेश से बाहर रहेंगे। इनके बाहर रहने से उनके विभाग के कामकाज प्रभावित भी होंगे।

मतगणना के बाद 6 मई को होगी वापसी

बताया जाता है कि जिन आईएएस अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है वे सभी मतगणना के बाद 6 मई को वापस आएंगे। पश्चिम बंगाल में जिन अफसरों की ड्यूटी लगी है, वे छह मई को लौटेंगे। जबकि अन्य राज्यों के अफसर 13 अप्रैल को लौट आएंगे। इसके बाद फिर से वे 2 मई को मतगणना के लिए जाएंगे। इसके बाद वे 6 मई को लौटेंगे।

विभाग प्रमुखों और सचिव की ड्यूटी

राज्यों के विधानसभा चुनावों में जिन अफसरों की ड्यूटी लगी है, वे विभाग प्रमुख हैं या फिर सचिव। इनके बाहर रहने के बाद प्रशासनिक कार्य जरूर प्रभावित होंगे। वैसे भी मार्च के बाद नए वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। ऐसे में नए कार्यों की स्वीकृति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहेगी।

इन अफसरों की लगी है ड्यूटी

असम : एस भारतीदासन, अंकित आनंद, हिमशिखर गुप्ता, सिद्धार्थ कोमल परदेसी, रिमिजियस एक्का, ऋतुराज रघुवंशी, विनीत नंदनवार ।
पश्चिम बंगाल : रोहित यादव, शमी आबदी, सारांश मित्तर, प्रभात मलिक, नीलमदेव एक्का, मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, धर्मेश कुमार साहू।
केरल : एस प्रकाश, पदुम सिंह एल्मा ।
तमिलनाडु : रमेश कुमार शर्मा, कमल प्रीत सिंह।
पुडुचेरी : राहुल देव ।

मंत्रियों की भी लगी है असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी

भाजपा ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की चुनावी ड्यूटी असम में लगाई है। साव को 8 तो चौधरी को 10 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों ही मंत्री विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होते ही तत्काल चुनावी राज्य में सियासी समीकरण और रणनीति बनाने पहुंच गए। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी कुछ मंत्रियों की आने वाले समय में ड्यूटी लगाई जाएगी। फिलहाल वहां प्रदेश भाजपा ने पूर्व मंत्रियों- विधायकों और पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। पिछले दिनों पूर्व मंत्री राजेश मूणत, बेमेतरा के पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विजय शंकर मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों को पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी लगाई गई थी। वे सभी दो दिन पहले ही वापस आए हैं।

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