रायपुर

छत्तीसगढ़: अटल बिहारी वाजपेयी ने इन यूनिवर्सिटीज की रखी थी नींव

भारत के 93 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का छत्तीसगढ़ राज्य से एक अलग ही लगाओ हैँ

2 min read
Aug 16, 2018
छत्तीसगढ़: अटल बिहारी वाजपेयी ने इन यूनिवर्सिटीज की रखी थी नींव

रायपुर. भारत के 93 वर्षीय भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी छत्तीसगढ़ राज्य से एक अलग ही लगाओ हैँ। साल 2004 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी छत्तीसगढ़ आए थे उस सामान उन्होंने इस राज्य को तीन विश्वविद्यालयों का तौफा दिया था।


तीन विश्वविद्यालयों का तौफा दिया
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 2004 में छत्तीसगढ़ राज्य को तीन विश्वविद्यालयों का तौफा दिया था:

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KTUJM , Raipur IMAGE CREDIT:

1. कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर

Technical University, Durg IMAGE CREDIT:

2. तकनीकी विवि दुर्ग

Pt. Sundarlal Sharma Open University IMAGE CREDIT:

3. पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विवि बिलासपुर

छात्र जीवन से ही कविता लिखने का शौक था:
अटल बिहारी वाजपेयी एक राजनेता के तौर पर जितने सराहे गए हैं, उतना ही प्यार उनकी कविताओं को भी मिला है। उनकी कई कविताएं उनके व्यक्तित्व की परिचायक बन गईं तो कइयों ने जीवन को देखने का उनका नज़रिया बदला। अटल जी की कविता कदम मिलाकर चलना होगा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय की कुल गीत बानी

बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं
पावों के नीचे अंगारे
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं
निज हाथों में हंसते-हंसते
आग लगाकर जलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा

हास्य-रुदन में, तूफानों में
अगर असंख्यक बलिदानों में
उद्यानों में, वीरानों में
अपमानों में, सम्मानों में
उन्नत मस्तक, उभरा सीना
पीड़ाओं में पलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा

उजियारे में, अंधकार में
कल कहार में, बीच धार में
घोर घृणा में, पूत प्यार में
क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में
जीवन के शत-शत आकर्षक
अरमानों को ढलना होगा
कदम मिलाकर चलना होगा

सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ
असफल, सफल समान मनोरथ
सब कुछ देकर कुछ न मांगते
पावस बनकर ढ़लना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

कुछ कांटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुबन,
परहित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,
जलना होगा, गलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

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Published on:
16 Aug 2018 01:27 pm
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