
रायपुर. तांत्रिक बाबा रामलाल कश्यप के विधानसभा में प्रवेश करने के मामले में गुरुवार को भी हलचल मची रही। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ इलाके के तांत्रिक रामलाल कश्यप ने बुधवार को गले में साढ़े दस किलो से ज्यादा कंठी-माला पहनकर न केवल विधानसभा का भ्रमण किया था बल्कि मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई थीं।
माओवाद प्रभावित राज्य होने की वजह से विधानसभा में वैसे भी प्रवेश के नियम बेहद सख्त बनाए गए हैं। यहां पत्रकारों के साथ-साथ आम जन को भी कड़ी सुरक्षा के बीच से गुजरना होता है। यदि किसी के जेब में चाबी का गुच्छा भी मिल जाता है तो सुरक्षाकर्मी उसे जप्त कर लेते हैं। बाबा के कृशकाया शरीर पर भारी-भरकम पत्थर, नगीने और त्रिशूल आदि देखकर जब कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने सवाल उठाया तो विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें यह कहते हुए डपट दिया कि बाबा बेहद सम्मानित व्यक्ति है, उन्होंने स्वयं उनके साथ फोटो खिंचवाई है।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान बाबा ने खुद को भारतीय जनता पार्टी का मंडल अध्यक्ष भी बताया और कहा कि वे मुख्यमंत्री रमन सिंह को जिताने का संकल्प लेने के लिए ही विधानसभा आए थे। इधर बाबा रामलाल का एक नया वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें वे थोड़े अंधेरे बंद कमरे में मुख्यमंत्री की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर साधनारत है। इस वीडियो में रामलाल ने यह स्वीकारा है कि वे विधानसभा से मिट्टी लेकर आए हैं और उस मिट्टी को लेकर पूजा-पाठ करने जल्द ही अमरनाथ जाएंगे।डरी हुई सरकार और क्या करेगी ?
तंत्र-मंत्र का सहारा ले रही है भाजपा
भाजपा की रमन सरकार बुरी तरह डरी हुई है। उसे मालूम चल गया है कि चौथी बार जनता खारिज करने वाली है इसलिए तंत्र-मंत्र का सहारा ले रही है। मैं किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हूं। सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। धार्मिक आस्था मनुष्य का निजी मसला होता है, लेकिन कितनी गंभीर बात है कि जिस विधानसभा में अंधनिवारण कानून बनता है उसी विधानसभा के परिसर में कोई तांत्रिक लाल-पीले चावल छिड़कता है और चूने से विधानसभा को बांधने की हास्यास्पद हरकत होती है। भाजपा की रमन सरकार ने पिछली बार ब्रम्हास्त्र चलाया था तब झीरम जैसी घटना हुई थी अब तंत्र-मंत्र का सहारा लेकर डराना चाहती है।
- भूपेश बघेल ( प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस )
भाजपा से जुड़े हैं बाबा
अजय चंद्राकर ( संसदीय कार्यमंत्री )
बाबा और भाजपा का पुराना नाता
संजीव अग्रवाल ( प्रवक्ता- जनता कांग्रेस )