
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिनों तक मौसम सक्रिय रहने के संकेत हैं।
इसी बीच बंगाल की खाड़ी में एक नए कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। इसके बनने के बाद प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आ सकती है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। इस दौरान रामचंद्रपुर में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में मौसमी बारिश अभी सामान्य से 8 प्रतिशत कम है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। तापमान की बात करें तो प्रदेश में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
राजधानी रायपुर में 23 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के बाद भी बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार नहीं हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम अहम माना जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून की गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं। यदि सिस्टम मजबूत होता है तो छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इसका असर विशेष रूप से उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिल सकता है।
प्रदेश के कई जिलों में रविवार सुबह मौसम विभाग ने बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले तीन घंटे के लिए सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
बारिश को लेकर कई अन्य जिलों में भी यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर शामिल हैं।इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लगातार हो रही बारिश खेती-किसानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए मानसून की सक्रियता बेहद जरूरी है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय हो सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।