रायपुर

‘काले अंग्रेज हैं भाजपा वाले…’ भूपेश बघेल का BJP पर बड़ा हमला, दीपक बैज ने भी साधा निशाना

Bhupesh Baghel BJP Attack: दुर्ग में कांग्रेस के संगठन प्रशिक्षण शिविर में भूपेश बघेल ने भाजपा को ‘काले अंग्रेज’ बताया। दीपक बैज ने भी भाजपा पर ‘फूट डालो-राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया।
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Sep 06, 2026
Chhattisgarh Politics
भूपेश बघेल का भाजपा पर तीखा हमला (Photo Source- Patrika File Photo)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर भाजपा की ओर से किए जा रहे हमलों के बीच कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया है। दुर्ग में आयोजित कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया और कांग्रेस को देश को जोड़ने वाली पार्टी बताया।

Deepak Baij BJP: दीपक बैज बोले- भाजपा अपना रही ‘फूट डालो-राज करो’ की नीति

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेजों ने देश में ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई थी और भाजपा भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने भाजपा पर समाज में अलग-अलग वर्गों के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा देश और समाज को जोड़ने की है। उन्होंने भाजपा पर नाथूराम गोडसे को मानने वाली और अंग्रेजों से माफी मांगने वाली पार्टी होने का आरोप भी लगाया। बैज के मुताबिक, भाजपा कांग्रेस के संगठनात्मक बदलावों पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे पहले अपने संगठन और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए।

भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं को बताया ‘काले अंग्रेज’

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह कांग्रेस के संगठनात्मक बदलावों को लेकर सवाल उठा रही है। बघेल ने भाजपा नेताओं के लिए ‘काले अंग्रेज’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि समाज को हिंदू-मुस्लिम के नाम पर बांटने की कोशिश की जाती है। इसी तरह आदिवासी समाज को भी अलग-अलग पहचान के आधार पर बांटने का प्रयास किए जाने का आरोप उन्होंने लगाया। बघेल ने दलित और गैर-दलित के नाम पर भी समाज को बांटने की राजनीति किए जाने की बात कही। उनका कहना था कि देश को इस तरह की विभाजनकारी राजनीति के बजाय एकजुटता की जरूरत है।

प्रभार बदलने के सवाल पर BJP को घेरा

कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी और संगठन के स्तर पर बार-बार बदलाव को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे तंज पर भी भूपेश बघेल से सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने भाजपा को ही घेरते हुए कहा कि भाजपा में भी समय-समय पर प्रभारी बदले जाते रहे हैं। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में कभी ‘हंटर वाले’, कभी ‘धोती वाले’ और कभी ‘हाफ पैंट-चड्ढी वाले’ प्रभारी आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में इतने लोगों को बदला गया है कि यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कौन टिक रहा है। उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि कांग्रेस पर सवाल उठाने से पहले उसे अपने संगठन में हुए बदलावों पर भी नजर डालनी चाहिए।

झीरम घाटी मामले पर भी सरकार से सवाल

बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे साजिश की बात लंबे समय से सामने आती रही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग थे। बघेल ने सुरक्षा में चूक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई थी तो अब तक किसी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी को इसके लिए सजा मिली है या नहीं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी सुरक्षा में चूक की बात स्वीकार की थी।

Durg Congress News: FIR में नाम होने के बाद हटाने पर उठाया सवाल

भूपेश बघेल ने झीरम मामले की जांच को लेकर एफआईआर में दर्ज नामों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत में रमन्ना जैसे बड़े नक्सली नेता का नाम एफआईआर में था, तो बाद की जांच में उसका नाम क्यों हटाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआती दौर में करीब 200 नक्सलियों के घटनास्थल पर मौजूद होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद की जांच में केवल करीब 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। बघेल ने आरोप लगाया कि झीरम घाटी मामले की जांच में लापरवाही बरती गई और पूरे मामले में लीपापोती की गई। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे की पूरी साजिश और जिम्मेदार लोगों की पहचान सामने आना जरूरी है।

संगठन शिविर में कांग्रेस की रणनीति पर मंथन

दुर्ग में चल रहे कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक चुनौतियों और पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इसी दौरान भाजपा के बयानों पर कांग्रेस नेताओं का पलटवार भी सामने आया। कांग्रेस नेताओं के बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक बदलाव के साथ-साथ झीरम घाटी मामले और भाजपा की कथित विभाजनकारी राजनीति जैसे मुद्दे छत्तीसगढ़ की सियासत में प्रमुख रहने वाले हैं।

Updated on:
06 Sept 2026 07:09 pm
Published on:
06 Sept 2026 07:09 pm