Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ भाजपा की नई कोर ग्रुप सूची जारी होने के बाद सियासत तेज हो गई है। दीपक बैज ने भाजपा पर बृजमोहन अग्रवाल के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया।
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ भाजपा की नई कोर ग्रुप सूची जारी होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को नई कोर कमेटी से बाहर किए जाने पर कांग्रेस ने भाजपा पर अंदरूनी गुटबाजी का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। वहीं, इस राजनीतिक विवाद के बीच प्रदेश सरकार के फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज (State Congress President Deepak Baij) ने कहा कि भाजपा अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से बृजमोहन अग्रवाल का जिक्र करते हुए कहा कि इतने अनुभवी नेता को कोर ग्रुप से बाहर करना भाजपा की आंतरिक कलह को उजागर करता है।
मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की कोर ग्रुप बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री रामविचार नेताम और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल को नई सूची में शामिल नहीं किया गया, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agarwal) ने कहा कि भाजपा में कोर कमेटी में शामिल करना या बाहर करना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक इस समिति का हिस्सा रहे हैं और जब तक सक्रिय राजनीति में हैं, कोई उन्हें हाशिए पर नहीं डाल सकता।
इस दौरान दीपक बैज ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी वाहनों में पेट्रोल-डीजल (petrol-diesel) खर्च घटाने वाले बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाकर विपक्ष से चर्चा करनी चाहिए। वहीं बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agarwal) ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और उसे पहले अपने संगठन की चिंता करनी चाहिए, उसके बाद भाजपा पर टिप्पणी करनी चाहिए।
बता दें नई कोर ग्रुप की जारी सूची में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली। इनमें Brijmohan Agrawal, Ramvichar Netam और Gaurishankar Agrawal जैसे दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके बाद विपक्ष ने भाजपा में अंदरूनी गुटबाजी का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर रही है, जबकि भाजपा इसे संगठन की सामान्य प्रक्रिया बता रही है।