
Women Inspiration: बाइक राइडिंग ने रायपुर की प्रेरणा को दिलाई नई पहचान, बोली- ये खुद में एडवेंचर है..सरिता दुबे - बाइक राइडिंग के दौरान जब लड़कियां मुझे देखती हैं तो बहुत खुश होती हैं। तब मुझे यह महसूस होता है कि मेरे बाइक चलाने से लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है। यह कहना है 44 साल की प्रेरणा ध्रुव का।
एक प्राइवेट संस्था में काम करने वालीं प्रेरणा कहती हैं कि बाइक राइडिंग खुद में एडवेंचर है जिससे आपको एक्सपोजर तो मिलता ही है साथ बराबरी का अहसास भी होता है और खुद में आत्मनिर्भरता की ख़ुशी मिलती है। साथ ही सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रेरणा ध्रुव का कहना है कि मेरे लिए बाइक राइडिंग एक तरह से स्ट्रेस बस्टर है। खुद के लिए समय निकलना बहुत जरूरी होता है। इससे न सिर्फ तनाव दूर होता है बल्कि आप जीवन का सही आनंद ले सकते हैं। कुछ साल पहले उन्होंने बाइकर्स ग्रुप को जॉइन किया। उन्होंने अपने प्रदेश में ही बाइक के जरिए कई जिलों की यात्रा की इस दौरान लोगों को वाइल्ड एनिमल खासकर तेंदुआ व पेंगोलिन को बचाने के लिए लोगों को जागरूक किया।
प्रेरणा ध्रुव कहती हैं कि बाइक चलाना बेसिक चीज है, जिसे हर लड़की को आना चाहिए। हर घर में बाइक मिल जाएगी। मैंने भी कॉलेज के समय ही बाइक चलाना सीखा तो मेरी मम्मी को खुशी हुई, क्योंकि वह चाहती थी कि मेरी बच्चियों को हर वह काम आना चाहिए, जो जरूरी है। परिवार में मेरे मम्मी-पापा ने हमेशा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। शादी के बाद जीवनसाथी का साथ मिला तो कठिन चीज भी आसान लगी।
उनका कहना है की सहयोग बेहद जरूरी है शादी के पहले माता-पिता और शादी के बाद पति का सपोर्ट मिले तो यह सहयोग आपके जीवन को खुशहाल बनाने के साथ ही आपको आत्मनिर्भर भी बनाता है। यही माहौल प्रेरणा को मिला। प्राइवेट नौकरी करने के साथ ही बाइकर्स ग्रुप के साथ ड्राइव करते हुए लोगों को सामाजिक संदेश देती हैं। प्रेरणा कहती है की महिलाओं को वो हर काम आना चाहिए जिससे उनको किसी पे निर्भर न होना पढ़े क्युंकि इससे आपको सफलता मिलेगी या तो शिक्षा।