रायपुर

छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं का काला कारोबार, ड्रग कंट्रोल पर उठा सवाल- स्टिंग के बाद भी क्यों नहीं सख्त कार्रवाई?

Fake medicines in CG: नकली दवाओं के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और लगातार की जा रही पड़ताल के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं।
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Updated: 29 Jan 2026, 12:41 PM IST
छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं का काला कारोबार(Photo-AI)
छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं का काला कारोबार(Photo-AI)

Fake medicines in CG: छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और लगातार की जा रही पड़ताल के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं। आरोप है कि विभागीय मिलीभगत के चलते राज्य में वर्षों से नकली दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ गई है।

Fake medicines in CG: मीडिया की पड़ताल से हुआ खुलासा

पिछले छह वर्षों से नकली दवाओं के कारोबार को लगातार उजागर किया जा रहा है। हाल ही में मीडिया में आई खबरों और बताए गए बिंदुओं के आधार पर ड्रग कंट्रोल विभाग ने सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां लाखों रुपये की नकली दवाएं और नकद राशि जब्त की गई।

कार्रवाई के बाद लीपापोती के आरोप

छापेमारी के बाद विभाग पर मामले को दबाने और लीपापोती करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि नकली दवा जब्ती के बावजूद ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि समझौते के जरिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश हुई।

स्टिंग ऑपरेशन से मचा हड़कंप

एक प्रमुख मीडिया संस्थान द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम को नकली दवा मामले के आरोपी के पिता खेमराम बानी के साथ एक निजी होटल में बातचीत करते हुए कैमरे में कैद किया गया। वीडियो में दोनों को बातचीत के दौरान मौके से निकलते हुए भी देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नकली दवाओं का नेटवर्क प्रदेशभर में फैला

रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर के देवेंद्र नगर, कटोरातालाब, तेलीबांधा, टाटीबंध, गोगांव, भनपुरी, फाफाडीह, रामनगर, संतोषी नगर और रजबंधा मैदान सहित कई इलाकों में नकली दवाओं के गोडाउन संचालित होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि दवा कारोबार के नाम पर लाइसेंस लेकर केवल दिखावे के लिए कार्यालय खोले गए हैं, जबकि असल में अवैध भंडारण और सप्लाई जारी है।

जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि नकली दवाओं के सेवन से न केवल इलाज बेअसर हो रहा है, बल्कि लोगों की जान भी जा रही है। हर साल बड़ी संख्या में लोग नकली दवाओं के कारण गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

ड्रग कंट्रोल विभाग का पक्ष

इस पूरे मामले में ड्रग कंट्रोलर दीपक अग्रवाल से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे मसूरी में प्रशिक्षण पर हैं। वहीं प्रभारी अधिकारी संतन जांगड़े ने कहा कि अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम के खिलाफ जांच की जाएगी। साथ ही आरोपी के पिता के खिलाफ सबूत मिलने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नकली दवाओं से जुड़ी अन्य सूचनाओं पर भी तत्काल छापेमारी की जाएगी।

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29 Jan 2026, 12:41 PM IST
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