आंधी ने राजधानी रायपुर (the capital Raipur) में तमाम व्यवस्थाओं (poor arrangements ) की पोल खोल दी। स्मार्टसिटी (Smart City ) में देररात तक व्यवस्था की बत्ती गुल रही। देर रात लोग परेशान रहे। रजिस्ट्री कार्यालय, कलेक्टोरेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित अधिकांश सरकारी कार्यालयों में जनरेटर नहीं होने (lack of generators) से अंधेरा छाया रहा।
60 से 70 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली, शहर में सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चौराहे पर बने टीनशेड और होर्डिंग गिर पड़े, बैनर-पोस्टर फटकर सडक़ पर उडऩे लगे। बिजली के तार टूटने से आधा शहर आधी रात तक अंधेरे में डूबा रहा। लोग परेशान रहे। जगह-जगह पेड़ और डालियां टूटकर सडक़ पर धराशायी हुए तो यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रैन व विमान सेवाएं भी प्रभावित हुई। वीआईपी रोड, जीई रोड, सिविल लाइन, डीडी नगर, देवेंद्र नगर सहित कई इलाकों में पेड़ गिरने और होर्डिंग टूटने की ढेरों शिकायतें मिलीं।
शाम को जैसे ही तेज आंधी शुरू हुई, बिजली सप्लाई बंद हो गई। शहर में देर रात तक बिजली बाधित रही। इससे शाम को जलापूर्ति भी प्रभावित हुई। फिल्टर प्लांट और इंटक वेल में भी तारों पर पेड़ गिरने से बिजली बंद रही। इसके असर से शुक्रवार को कुछ इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
देवेंद्र नगर के नमस्ते चौक पर लगा टीन का शेड अंधड़ में टूटकर व्यस्ततम सडक़ के बीच गिर गया। उसी दौरान वहां से गुजर रही दो कारें उनकी चपेट में आ गई। दोनों कारेें क्षतिग्रस्त हो गई, गनीमत रही कि उसमें सवार बाल-बाल बचे। इस दौरान कोई दोपहिया चौराहे से गुजरता, तो गंभीर घटना हो सकती थी।
तेज अंधड़ के चलते वीआईपी रोड, माना एयरपोर्ट रोड किनारे लगे दर्जनों पेड़ सडक़ पर आ गिरे। जीई रोड पर आयुर्वेदिक कॉलेज, यूनिवर्सिटी चौराहे और उसके भीतर भी कई इलाकों में पेड़ धराशायी हो गए। इससे यातयात बाधित हुआ। वीआईपी रोड और जीई रोड में ज्यादा समस्या हुई।
अंधड़ में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सैकडों होर्डिंग और यूनीपोल हिलने लगे थे। उसमें से कई बैनर-पोस्टर फटकर सडक़ों पर उड़ते रहे। खंभों पर लगे पोस्टर की फ्रेम भी टूटकर लटक गई। गोलबाजार, पंडरी, एमजीरोड, सदरबाजार आदि मार्केट में कई होर्डिंग और पोस्टर क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान सडक़ से गुजरने वाले लोगों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था।