रायगढ़ जिले में CM रमन सिंह का बोनस तिहार कार्यक्रम सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रहा गया। बोनस का पैसा किसानों के खाते में एक दिन पहले ही ट्रांसफर हो गया।
रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बोनस तिहार कार्यक्रम सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रहा गया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रायगढ़ के मिनी स्टेडियम में साढ़े ग्यारह बजे से निर्धारित था। मुख्यमंत्री मंच से बोनस तिहार के दौरान बोनस का पैसा किसानों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। बताया जा रहा कि स्थानीय धान किसानों के खाते में मुख्यमंत्री के बटन दबाने से पहले बोनस की राशि पहुंच गई थी।
इस मामले में अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि ऐसा नहीं हुआ है तय समय पर ही किसानों के खाते में सीएम के हाथों पैसा ट्रांसफर होगा। इधर, छालसेक के कुड़केला के किसानों ने बताया कि बुधवार शाम 5 बजे ही बोनस की राशि का मैसेज उनके मोबाइल में आ गया था। जिले के कई इलाकों के किसानों ने दावा कि उनके खातों में भी पहले ही बोनस का पैसा आ गया है।
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इस मामले में खरसिया ब्लाक के ग्राम सोनबरसा के पूर्व जनपद सदस्य चितावर सिदार ने बताया कि जब किसानों के मोबाइल पर यह मैसेज आया तो गांव में खलबली मच गई थी। इसके बाद अन्य किसानों के मोबाइल में भी इसकी जांच की गई तो पाया गया कि गांव के अनिता सिदार, उदल सिंह राठिया, राजेश डनसेना के खाते में भी पैसा आने का मैसेज उनके मोबाइल पर आया है। इस मामले में अपेक्स बैंक के एमडी नागदेव से फोन पर पर इस विषय में पूछा गया तो उनकी ओर से इस मामले में गोल-मोल जवाब दिया गया।
स्क्रीन शॉट भी उपलब्ध
इस मामले में असमंजस की स्थिति बन गई कि क्या वाकई सीएम के बटन दबाने के पहले ही किसानों के खाते में बोनस का पैसा पहुंच गया है। क्योंकि अधिकारी इंकार रहे हैं वहीं किसान इस बात की पुष्टि कर रहे हैं बकायदा जो मैसेज उनके मोबाइल पर आया है उसकी स्क्रीन शॉट भी उपलब्ध करवाया गया है।
रायगढ़ कलक्टर शम्मी आबिदी ने कहा कि मेरे संज्ञान में एेसा कोई मामला नहीं आया है। बोनस की रकम सीएम के हाथों ही किसानों के खाते में जाएगी।