रायपुर

Women Reservation Bill: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं 45 सीटें, जानें क्या है पूरा गणित

Women Reservation in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में परिसीमन बिल के तहत विधानसभा सीटें 90 से बढ़कर 135 हो सकती हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में महिलाओं के लिए 45 सीटें आरक्षित होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम फैसला विधेयक के प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
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Oct 20, 2026
Women Reservation Bill
Women Reservation Bill: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं 45 सीटें(photo-patrika group)

Chhattisgarh Delimitation Bill: छत्तीसगढ़ में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रस्तावित परिसीमन के तहत विधानसभा सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर मौजूदा 90 सीटें बढ़कर 135 हो सकती हैं। ऐसे में प्रदेश में 45 नए विधानसभा क्षेत्र बनने की संभावना है। वहीं, यदि एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान लागू होता है, तो 135 सदस्यीय विधानसभा में 45 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। हालांकि, सीटों की संख्या और आरक्षण की अंतिम स्थिति विधेयक के प्रावधानों और उसके पारित होने पर निर्भर करेगी।

Chhattisgarh Delimitation Bill: 90 से बढ़कर 135 हो सकती हैं विधानसभा सीटें

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। ऐसा होने पर प्रदेश में 45 नए विधानसभा क्षेत्र बन सकते हैं। इससे राज्य का राजनीतिक नक्शा बदलने के साथ ही मौजूदा विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों और नए उम्मीदवारों की संभावनाओं पर भी असर पड़ेगा।

निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण होने पर कुछ मौजूदा विधानसभा क्षेत्र बंट सकते हैं, जबकि नए क्षेत्र अस्तित्व में आ सकते हैं। इससे राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करना पड़ सकता है।

भाजपा-कांग्रेस की रणनीति पर पड़ेगा असर

विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की स्थिति में भाजपा और कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के सामने नए क्षेत्रों में मजबूत संगठन तैयार करने की चुनौती होगी। पार्टियों को स्थानीय मुद्दों, जातीय और सामाजिक समीकरणों के साथ संभावित उम्मीदवारों के प्रभाव का भी आकलन करना होगा।

रायपुर और दुर्ग जैसे शहरी क्षेत्रों से लेकर बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ इलाकों तक परिसीमन का असर अलग-अलग हो सकता है। नए विधानसभा क्षेत्र बनने से स्थानीय नेतृत्व को आगे आने का अवसर मिल सकता है। वहीं, मौजूदा विधायकों को अपने राजनीतिक प्रभाव और जनाधार को नए सिरे से मजबूत करना पड़ सकता है।

महिला आरक्षण के तहत 45 सीटें होने की संभावना

परिसीमन के साथ महिला आरक्षण का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में है। यदि विधानसभा की कुल सीटें बढ़कर 135 होती हैं और एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान लागू होता है, तो गणना के अनुसार 45 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं।

फिलहाल छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 19 बताई गई है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर महिला उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व के नए अवसर बन सकते हैं। हालांकि, आरक्षण और निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण की वास्तविक स्थिति संबंधित विधेयक के प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

परिसीमन आयोग के पूर्व सदस्य ने क्या कहा?

परिसीमन आयोग के पूर्व सदस्य सुशील त्रिवेदी के अनुसार, प्रस्तावित परिसीमन में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि परिसीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना का उल्लेख भी प्रस्ताव के संदर्भ में किया जा रहा है, लेकिन विधेयक के पारित होने से पहले इस पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

उनके मुताबिक, परिसीमन किस आधार पर होगा और सीटों का निर्धारण किस तरह किया जाएगा, यह विधेयक में तय किए जाने वाले प्रावधानों से स्पष्ट होगा। यदि प्रस्तावित फार्मूले के अनुसार बदलाव होता है, तो छत्तीसगढ़ विधानसभा की सीटें 90 से बढ़कर 135 हो सकती हैं।

अब विधेयक के प्रावधानों पर टिकी निगाहें

परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों की नजरें अब विधेयक के प्रावधानों और उसके आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं। सीटों की संख्या में संभावित वृद्धि से प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना है। हालांकि, विधानसभा क्षेत्रों की वास्तविक संख्या, सीमाओं और महिला आरक्षण को लेकर अंतिम स्थिति विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Updated on:
20 Oct 2026 03:02 pm
Published on:
20 Oct 2026 03:01 pm