
Monsoon Session 2026: कांग्रेस ने छोड़ा सदन(photo-patrika)
Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन का माहौल काफी गर्म रहा। प्रश्नकाल के दौरान सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे, रायपुर की पेयजल व्यवस्था, अमृत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और बाद में वॉकआउट कर दिया। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
प्रश्नकाल के दौरान सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे में 25 लोगों की मौत का मामला प्रमुखता से उठा। कांग्रेस विधायकों ने हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। विपक्ष ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर भी सरकार से सवाल किए। मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कांग्रेस ने सदन में विरोध दर्ज कराया और वॉकआउट कर दिया।
सदन में रायपुर की पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। विपक्ष ने अमृत मिशन और जल जीवन मिशन की प्रगति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राजधानी के कई इलाकों में आज भी लोगों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है। टंकियां होने के बावजूद टैंकरों से पानी की आपूर्ति, अधूरी परियोजनाएं, अवैध नल कनेक्शन और 24 घंटे जलापूर्ति के दावों को लेकर सरकार से जवाब मांगा गया।
इस पर उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
सत्र के दौरान कांग्रेस के प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से कहा, "माननीय नेता जी, अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिए हो और प्रश्न भी पूछ रहे हैं।" इस पर डॉ. महंत ने जवाब दिया, "अरे यार, आप हमेशा गड़बड़ करते हो… वो कर लेंगे जो भी करना है अविश्वास प्रस्ताव में, लेकिन किसके कारण ला रहे हैं, यह भी बताने दीजिए।" दोनों नेताओं के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक ने सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म कर दिया।
विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। राज्य गठन के बाद विधानसभा में यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव होगा। इससे पहले लाए गए सभी नौ अविश्वास प्रस्तावों में संबंधित सरकारें सदन में बहुमत साबित करने में सफल रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रस्ताव पर चर्चा की तारीख तय करेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।
Updated on:
14 Jul 2026 02:14 pm
Published on:
14 Jul 2026 02:11 pm
