
Devkinandan Thakur: कई मुद्दों पर अपनी राय(photo-patrika
Devkinandan Thakur: छत्तीसगढ़ के रायपुर में प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने देश में 'सनातन बोर्ड' के गठन की वकालत करते हुए कहा कि मंदिरों, गुरुकुलों और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए एक प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने पर विचार होना चाहिए, ताकि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, संस्कृति और धर्माचरण को मजबूती मिल सके। रायपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम "हमर पहुना" में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा, संस्कृति, धर्म, सामाजिक व्यवस्था और राजनीति से जुड़े कई विषयों पर अपनी राय रखी।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति, गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों का अध्ययन कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे युवाओं में चरित्र, सत्यनिष्ठा और जीवन मूल्यों का विकास होगा। उन्होंने परिवार और समाज से बच्चों को संस्कार आधारित शिक्षा देने को प्राथमिकता बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ती हिंसा, अपराध और पारिवारिक विघटन जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं और इनसे बचाव के लिए नैतिक शिक्षा एवं चरित्र निर्माण जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। बच्चों को केवल फिल्मी गीतों तक सीमित रखने के बजाय सावित्री, सीता और रानी लक्ष्मीबाई जैसे प्रेरणादायी चरित्रों से परिचित कराया जाना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षक और गुरु की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण की भी होती है।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन बोर्ड के गठन से मंदिरों, गुरुकुलों और धार्मिक संस्थानों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिरों की आय का उपयोग धर्म, शिक्षा, गौ संरक्षण और समाजहित के कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सत्य, संयम और सदाचार का संदेश देता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण से राष्ट्र और संस्कृति को मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए। धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाती, लेकिन विभिन्न माध्यमों से हो रहे धर्मांतरण पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को भारतीय सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताया और कहा कि पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।
राजनीतिक व्यवस्था पर अपनी राय रखते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में ऐसे लोगों की संख्या बढ़नी चाहिए जो धर्माचरण और नैतिक मूल्यों का पालन करते हों। उन्होंने धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने का सुझाव देते हुए कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सार्वजनिक जीवन में चरित्र, नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान देना होगा।
राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन को लेकर उनका व्यक्तिगत मानना है कि भविष्य में इस विषय पर कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेश जांगड़े ने देवकीनंदन ठाकुर का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में कथा आयोजक योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे।
Updated on:
13 Jul 2026 02:45 pm
Published on:
13 Jul 2026 02:42 pm
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