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डायरी से डिजिटल मंच तक… आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, जब महिलाओं ने खुद लिखी अपनी कहानी

Motivational Story: आज केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना की मजबूत नींव बन चुकी है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Sarita Dubey

Mar 01, 2026

डायरी से डिजिटल मंच तक... आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम(photo-patrika)

डायरी से डिजिटल मंच तक... आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम(photo-patrika)

Sunday Guest Editor: छत्तीसगढ़ के रायपुर में समाज में बदलाव की धुरी बनने वाली स्त्री शिक्षा आज केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना की मजबूत नींव बन चुकी है। लेखन के माध्यम से आम लोगों के बीच अपनी अलग पहचान स्थापित करने वाली डॉ. भारती यादव ‘मेधा’ मानती हैं कि शिक्षा और साहित्य ने महिलाओं को अपनी आवाज़ देने का मंच दिया है।

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