
Chhattisgarh Assembly: हर साल जल संकट से जूझ रहा रायपुर(photo-patrika)
Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान रायपुर की पेयजल व्यवस्था, अमृत मिशन और जल जीवन मिशन को लेकर सदन में तीखी चर्चा हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर, सुनील सोनी, राजेश मूणत और भईयालाल राजवाड़े ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, खासकर रायपुर में जल आपूर्ति की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष राजधानी के लोगों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ता है और कई इलाकों में पानी की टंकियां होने के बावजूद टैंकरों के जरिए जलापूर्ति करनी पड़ती है।
विधायक अजय चंद्राकर ने अमृत मिशन के क्रियान्वयन को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव से विस्तृत जानकारी मांगी। मंत्री ने बताया कि रायपुर में वर्ष 2016 से अमृत मिशन का क्रियान्वयन शुरू हुआ था। उपलब्ध बजट के आधार पर पांच पैकेज स्वीकृत किए गए, जिनमें कई कार्य आंशिक रूप से पूरे हो सके हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 304 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रक्रियाधीन हैं। लगातार बढ़ती आबादी और गिरते भूजल स्तर के बावजूद सरकार हर घर तक नल कनेक्शन और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
मंत्री के जवाब पर अजय चंद्राकर ने कहा कि उनका सवाल यह था कि योजना कितने वार्डों के लिए बनाई गई थी और कुल कितनी राशि का प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने दावा किया कि रायपुर में 1 लाख 21 हजार घरों तक अब भी नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है और पूछा कि आखिर ऐसी योजना किस आधार पर तैयार की गई थी।
इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अमृत मिशन के पहले चरण में 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार राशि स्वीकृत हुई थी। बजट सीमित होने के कारण कुछ कार्य पूरे नहीं हो सके, लेकिन अब अधूरे कार्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
अजय चंद्राकर ने स्मार्ट सिटी परियोजना और 15वें वित्त आयोग के तहत जल आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का भी ब्यौरा मांगा। जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 304 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हैं। वहीं 15वें वित्त आयोग के तहत 45.33 करोड़ रुपये की राशि से लाभांडी सहित विभिन्न क्षेत्रों में जल आपूर्ति संबंधी अधोसंरचना विकसित की जा रही है।
प्रश्नकाल के दौरान अजय चंद्राकर ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग की भूमिका और नगर निगम में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर किस योजना के तहत पीएचई विभाग जलापूर्ति करता है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं।
इस पर मंत्री अरुण साव ने कहा कि पेयजल आपूर्ति और उसकी गुणवत्ता की निगरानी के लिए विभाग में पूरी व्यवस्था मौजूद है तथा कार्यपालन अभियंता सहित संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। हालांकि अजय चंद्राकर ने कहा कि उनके मूल प्रश्न का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।
भाजपा विधायक भईयालाल राजवाड़े ने अपने विधानसभा क्षेत्र बैकुंठपुर में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार मिशन के कार्यों की लगातार समीक्षा कर रही है और जहां भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।.
Updated on:
14 Jul 2026 01:17 pm
Published on:
14 Jul 2026 01:16 pm
