रायपुर

चाहे ककरो सरकार बनय, सरकारी अस्पताल म होना चाही सबो इलाज के व्यवस्था

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के लिए पार्टियों की तरफ से जैसे-जैसे प्रत्याशियों की घोषणा हो रही है, वैसे-वैसे लोगों में दिलचस्पी भी बढ़ती जा रही है।

3 min read
Oct 28, 2018
CG Election 2018: Public views for Chhattisgarh Assembly Elections

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के लिए पार्टियों की तरफ से जैसे-जैसे प्रत्याशियों की घोषणा हो रही है, वैसे-वैसे लोगों में दिलचस्पी भी बढ़ती जा रही है। अस्पताल के अंदर या बाहर, पर्ची लेने या दवा के लिए लाइन में खड़े हो, मरीज को भर्ती कराने आए या मिलने पहुंचे हों अथवा मरीज की देखरेख के लिए उसके साथ अस्पताल में रूके हों, जैसे ही कुछ क्षण के लिए फुर्सत हुए नहीं कि चुनावी चर्चाएं शुरू कर देते हैं।

शनिवार की दोपहर करीब 1.30 बजे प्रदेश के सबसे बड़े आम्बेडकर अस्पताल के बाहर परिसर में एक पीपल के पेड़ के नीचे चबूतरे पर सांकरा का गोलू, बेरला का भूषण, अमलेश्वर का चोआराम समेत करीब 10 लोग बैठे हुए थे। सांकर का गोलू अपने रिश्तेदार का उपचार कराने के लिए पहुंचा था। वहीं, भूषण और चोआराम अपने किसी परिचित से मिलने आए थे। इसी तरह सभी लोग मरीज से मिलने या इलाज कराने के लिए पहुंचे थे। सभी एक-दूसरे से अनजान लेकिन चुनावी चर्चा करते हुए एक-दूसरे में मशगूल थे। उनको देखकर यह आभास ही नहीं हो रहा था कि वह एक-दूसरे से परिचित नहीं हैं। उनके बीच पहुंचने पर वह कुछ पल के चुप हो गए लेकिन चुनावी राग छेडऩे पर फिर से वह बातचीत करने लगे।

ये भी पढ़ें

CG ELECTION 2018 : चुनाव में विजयश्री पाना है तो इस दिन नामांकन फॉर्म भरना होगा उत्तम

एक सवाल पूछे जाने पर चबूतरे पर बैठे करीब सभी लोगों ने एकस्वर में कहा, 'चाहे काकरो के सरकार बनय, सरकारी अस्पताल म हो समुचित उपचार की व्यवस्था।' चोआराम ने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की काफी दयनीय स्थित है। डॉक्टर साहब तो अस्पताल पहुंचते हैं, जांच भी करते हैं लेकिन दवाएं बाहर से लेने के लिए लिख देते हैं। देवभोग के रहने वाले दयाशंकर साहू ने बताया कि वह अपनी बहन का इलाज कराने के लिए आम्बेडकर अस्पताल पहुंचे हैं। उनकी बहन को ब्लड की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि यदि गांव या आसपास ब्लड बैंक की सुविधा होती तो उन्हें पैसा खर्च कर इतनी दूर नहीं आना पड़ता।

वोट मांगने तो घर पहुंचते हैं, मुश्किल में फोन तक नहीं उठाते
राजिम के कौंदकेरा के रहने वाले अश्विनी साहू पत्नी का उपचार कराने के लिए अम्बेडकर अस्पताल पहुंचते थे। अस्पताल के सेकेंड फ्लोर पर व्हीलचेयर पर पत्नी को बैठाकर इधर-उधर भटक रहे थे। उन्हें वार्ड नंबर 28 में जाना था। पूछने पर साहू ने बताया कि उन्होंने पत्नी को राजिम के सरकारी अस्पताल में दिखाया था।

डॉक्टर ने टीबी बताकर रायपुर भेज दिया। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचा लेकिन यहां पर कुछ समझ में नही आ रहा था। आज डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने निमोनिया बताकर 5 दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा है। उनके पास सिर्फ 400 रुपए हैं, इतने में डॉक्टर साहब ने जो दवाएं लिखी हैं वही आ पाएंगी। भर्ती कैसे कराऊ? अब वापस जा रहा हूं।

स्मार्टकार्ड होने की बात पूछने पर उन्होंने कार्ड दिखाते हुए कहा कि पास में है लेकिन इसका इस्तेमाल कैसे होता है, यह नहीं मालूम। उन्हें स्मार्टकार्ड के बारे में जब जानकारी दी गई तो उन्होंने पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया। प्रतिनिधियों से सहायता मिलने की बात पर साहू ने कहा कि हर पांच साल बाद चुनाव होता है, प्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा करके वोट मांगते हैं। जैसे ही चुनाव खत्म होता है, फिर वह गांव की तरफ पलट कर भी नहीं देखते। फोन करने पर रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझते।

लाइन में खड़े फिर भी चर्चा में जुटे
अम्बेडकर अस्पताल में जांच के लिए पर्ची कटाने लाइन में 20 से अधिक लोग खड़े होकर अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे थे। पीछे खड़े कुछ लोग चुनावी चर्चा करते भी एक-दूसरे से प्रत्याशियों के बारे में जानकारी ले रहे थे। प्रत्याशी कैसा है, कहां का है, बाहरी तो नहीं है, अपराधी प्रवृत्ति का तो नहीं है, आदि के बारे में चर्चा कर रहे थे।

डॉक्टरों पर चढ़ा चुनावी रंग
डॉक्टरों पर भी चुनावी रंग इन दिनों देखा जा सकता है। मेडिकल कॉलेज से छूटते ही एकजगह इकट्ठा होते ही छात्र चुनाव को लेकर चर्चा शुरू कर देते हैं। शाम करीब 4.30 बजे मेडिकल कॉलेज के बाहर परिसर में 20 से ज्यादा स्टूडेंट्स घेरा बनाकर बैठे थे। कोई सरकार के काम की तारीफ कर रहा था तो कोई बदलाव की बात। एक छात्र ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि छात्रों के समन्वय समिति की बैठक हुई है, जिसमें तय किया गया है कि जिस पार्टी के घोषणा पत्र में मेडिकल छात्रों के हितों की बात ज्यादा होगी, उसी पार्टी को वोट देने के लिए प्रदेशभर के छात्रों से अपील की जाएगी।

ये भी पढ़ें

CG ELECTION 2018 : भाजपा के जातीय गणित का कांग्रेस खोज रही काट, इसलिए रुकी घोषणा
Published on:
28 Oct 2018 02:21 pm
Also Read
View All