- कोरोना को मात देकर लौटे स्वास्थ्य मंत्री बोले, पानी बांध के ऊपर पहुंच रहा है- आरटी-पीसीआर और ट्रूनेट मिलाकर 40 प्रतिशत टेस्ट, नए लैब में 70 प्रतिशत का लक्ष्य
रायपुर. प्रदेश सरकार (Chhattisgarh Government) ने छत्तीसगढ़ में कोरोना 2.0 (दूसरी लहर) की पुष्टि कर दी है। साथ ही संकेत दिए हैं कि कोरोना के फैलाव का और अधिक खतरा है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (CG Health Minister TS Singhdeo) ने कहा कि मार्च के पहले हफ्ते में संक्रमण दर 0.99 प्रतिशत थी, जो 23 मार्च को 4.82 प्रतिशत जा पहुंची। इसके प्रतिशत 5 के ऊपर जाने का मतलब खतरा है। उन्होंने अपील की है कि छत्तीसगढ़ से बाहर न जाएं। दूसरे जिलों के लोग बहुत जरूरी हो तो ही रायपुर और दुर्ग आएं। होली सार्वजनिक रूप से न मनाएं।
रायपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सिंहदेव ने कहा कि 'पानी बांध के ऊपर जा रहा है। महाराष्ट्र से लौटने वाले सर्वाधिक संक्रमित पाए गए हैं। रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में महाराष्ट्र से आने-जाने वालों की संख्या सर्वाधिक है। इसलिए इन शहरों में अधिक मरीज मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर पीक में 100 जांच में 20 लोग संक्रमित पाए जा रहे थे। 30 प्रतिशत रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में थे। यही चिंता का विषय है, क्योंकि 21 मार्च के बाद यह स्थिति बन रही है। सिंहदेव ने लॉकडाउन संभावनाओं से इंनकार करते हुए कहा है कि इसके दुष्परिणाम ज्यादा हैं।
21 मार्च को सबसे ज्यादा संक्रमण दर रही, हर दिन बढ़ रही
रायपुर 30.9, दुर्ग 26.70, बिलासपुर 8.80, जशपुर 7.57 और कोरिया 4.31 संक्रमण दर रही। जबकि प्रदेश का औसत 4.64 रही। इन जिलों के साथ राजनांदगांव, अंबिकापुर में भी संक्रमण बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में कहीं 3 बड़ी बातें
आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाएंगे- 7 सरकारी संस्थानों के साथ ही कांकेर, कोरिया और महासमुंद में जल्द आरटी-पीसीआर टेस्ट होंगे। 5 और जिलों में सुविधा विकसित की जा रही है।
सख्ती बरती जाएगी- होली के पहले कुछ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। शासन गाइड-लाइन जारी करेगा।सख्ती बरतनी चाहिए और बरती जाएगी।
कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे- लॉकडाउन की आवश्यकता नहीं। हां, रायपुर और दुर्ग जिले में आवश्यकता अनुसार कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।
सिंहदेव बोले, मैं गमी में गया और संक्रमित हुआ
सिंहदेव ने कहा, मैं त्रिपुरा के दौरे पर था। दिल्ली, कोलकाता होते हुए लौटा था। इस दौरान में परिवार में हुए गमी में शामिल हुआ था। क्योंकि वहां खाना बनाने वाला स्टाफ संक्रमित पाए गए थे, निश्चित है कि मुझे वहीं से संक्रमण मिला होगा। मेरे 5 साथी भी संक्रमित हुए। एक दिल्ली में भर्ती हैं।
'इंडिया-इंग्लैंड के मैच में दर्शक नहीं थे'
सिंहदेव ने कहा कि रोड सेफ्टी की टूर्नामेंट की अनुमति तब दी गई थी जब संक्रमण दर 1 प्रतिशत से कम थी। मगर, इंडिया-इंग्लैंड के मैच बिना दर्शकों के करवाए गए। ऐसे आयोजनों से बचना चाहिए।