CG News: राज्य सरकार ने इससे पहले छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी है। अब राजधानी के लिए अलग नीति को हरी झंडी मिलने से शहर स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वित करने का रास्ता साफ हो गया है।
CG News: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगम क्षेत्र के लिए अलग से लॉजिस्टिक पॉलिसी को अनुमोदित किया है, जिसके तहत राजधानी में लॉजिस्टिक कॉरिडोर और आउटर में आधुनिक लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाएंगे। अब तक राजधानी में लॉजिस्टिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस प्लान नहीं था, जिससे शहर के भीतर संचालित थोक बाजारों के कारण यातायात पर भारी दबाव बना रहता है।
नई नीति का उद्देश्य माल परिवहन को व्यवस्थित करना, शहर के भीतर ट्रैफिक जाम कम करना और व्यापारिक गतिविधियों को गति देना है। अधिकारियों का दावा है कि लॉजिस्टिक हब चिन्हित होने के बाद न केवल ट्रैफिक समस्या घटेगी, बल्कि व्यापार और निवेश में भी बढ़ोतरी होगी।
राज्य सरकार ने इससे पहले छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दी है। अब राजधानी के लिए अलग नीति को हरी झंडी मिलने से शहर स्तर पर योजनाओं को क्रियान्वित करने का रास्ता साफ हो गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उप सचिव भागवत जायसवाल ने अधिसूचना जारी होने की पुष्टि की है।
गंजपारा-भैसथान गैरेज से रोजाना जाम, हजारों लोग परेशान
राजधानी के गंजपारा-भैसथान क्षेत्र में स्थित गैरेज और थोक गतिविधियों के कारण रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले मार्ग पर रोजाना भीषण जाम की स्थिति बन रही है। सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक हजारों लोग ट्रैफिक जाम से हलाकान रहते हैं। स्मार्ट सिटी के बीचों-बीच भारी वाहनों और गैरेज संचालन के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा चुकी है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने गैरेज व थोक बाजारों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग तेज कर दी है। नई लॉजिस्टिक नीति से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
निजी क्षेत्रों को भी मौका, 75 एकड़ में बनेगा लॉजिस्टिक हब
छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स निवेश प्रोत्साहन नियम- 2025 में 75 एकड़ क्षेत्रफल तक लॉजिस्टिक्स निवेश को आकर्षित किया जाएगा। पूर्व में जारी अधिसूचना के मुताबिक इससे पहले निवेश के लिए 15 एकड़ क्षेत्रफल तय किया गया था। लॉजिस्टिक पार्क में ड्रेनेज स्ट्रीट लाइट सहित भूमि के पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट, 5 करोड़ से 140 करोड़ रुपए तक का अनुदान सहित अन्य छूट प्रदान की जाएगी।
लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।