CG Political: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। साहू समाज ने 10 दिन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है..
CG Political: राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई टिप्पणी से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा सरकार के मंत्रियों और नेताओं ने बघेल को नसीहत दी है कि कांग्रेस के बड़े नेता को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जो अक्षम्य हो। वहीं प्रदेश साहू समाज ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, भूपेश बघेल 10 दिन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं बचाव में प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा, बघेल ने समाज पर नहीं, एक व्यक्ति पर टिप्पणी की है।
भूपेश बघेल की टिप्पणी पर अरुण साव ने कहा, भाषा की अपनी मर्यादा है, शब्द कैसे होने चाहिए। इसका ख्याल हर किसी को रखना चाहिए। राजनीतिक टिप्पणी अपनी जगह है, लेकिन इस तरह की टिप्पणी बिल्कुल अक्षम्य है। मेरे खिलाफ भूपेश बघेल ने जो अमर्यादित टिप्पणी की है, उसे प्रदेश की जनता देख रही है। इसका जवाब जनता ही देगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल कांग्रेस के बड़े नेता हैं, उन्हें ऐसी भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए। जैसे उन्होंने भाषा की सीमा नहीं समझी, वैसे ही उन्होंने भ्रष्टाचार में भी सीमा नहीं समझी, ऐसा भ्रष्टाचार किया जो कहीं नहीं हुआ। उन्होंने भ्रष्टाचार में भी नवाचार किया। उनके परिवार के किसी पर टिप्पणी की जाए तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगेगा।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस ङ्क्षसहदेव ने भूपेश बघेल का बचाव करते हुए कहा कि टिप्पणी समाज पर नहीं व्यक्ति पर थी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी को लेकर प्रदेश में मचे बवाल के बीच ङ्क्षसहदेव ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की समाज पर नहीं, एक व्यक्ति पर टिप्पणी हो सकती है। एक चूक हुई है, यह भूपेश बघेल भी समझ रहे होंगे।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो बयान उप मुख्यमंत्री अरुण साव के लिए दिया है, वह बेहद ही शर्मनाक है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल का वर्चस्व खत्म हो चुका है जनता बघेल को पसंद नहीं करती, इसलिए वापस अपना स्थान बनाए रखने के लिए इस प्रकार का बयान बघेल दे रहे हैं।
बघेल को यह देखना चाहिए कि जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही, उस दौरान उप मुख्यमंत्री साव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और उन्हीं के नेतृत्व में भाजपा चुनाव लड़ी। उनकी योग्यता का आंकलन इसी से लगाया जा सकता है कि की साव के नेतृत्व में ही बघेल की पार्टी चुनाव हारी और आज बघेल की पार्टी सत्ता से बाहर है।
अरुण साव के विरुद्ध की गई टिप्पणी को छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने अत्यंत अमर्यादित, आपत्तिजनक और ङ्क्षनदनीय बताया है। इसके साथ ही 10 दिन के भीतर भूपेश बघेल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने समाज के तमाम जिला अध्यक्षों को जारी पत्र में भूपेश बघेल के बयान को ङ्क्षनदनीय बताते हुए क्षमा मांगने की मांग की है। इसके साथ ही सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगने पर साहू समाज प्रत्येक जिले में पुलिस अधीक्षक को 3 दिन के अंदर ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराएगा। इसके साथ लोकतांत्रिक, संगठित एवं चरणबद्ध आंदोलन करने की बात कही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान साय सरकार में उप मुख्यमंत्री अरुण साव को बंदर कह दिया। अपने भाषण में बघेल ने कहा कि साय सरकार में अरुण साव की स्थिति वैसी है जैसे जंगल में जब बंदर को राजा चुना गया, तब बंदर अपनी साथी के बंदर बच्चों को बचाने के लिए पेड़ के इस डाल से उस डाल पर उछल-कूदकर रहे थे। जब पूछा गया कि बंदर के बच्चों को क्यों नहीं बचा पा रहे हो, इस पर बंदर ने जवाब दिया कि मेरी कोशिश में कोई कमी है क्या। ऐसी ही स्थिति अरुण साव की है।