रायपुर

ज्यादा दाम की आस में किसानों ने रोका धान तो कांग्रेस ने अन्नदाताओं से कही ये बात

किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने और अगली फसल में देरी की आशंका को देखते हुए कांग्रेस नेताओं ने ही धान उत्पादक किसानों को समझाना शुरू कर दिया है।
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Updated: 24 Nov 2018, 12:48 PM IST
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इस साल 58 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य, पहुंचा बारदाना

रायपुर. किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने और अगली फसल में देरी की आशंका को देखते हुए कांग्रेस नेताओं ने ही धान उत्पादक किसानों को समझाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा, किसान अपनी फसल बेचने में देर न करें। देर करने से अगली फसल की तैयारी पिछड़ जाएगी।

भूपेश ने कहा, अगर समितियों ने धान के दाम में से उनके दिए कर्ज की राशि काट भी ली तो कांग्रेस की सरकार उन्हें वापस देगी। इन आश्वासनों के बाद भी कई किसान आशंकित हैं। वे अभी इंतजार ही करना चाहते हैं। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला बताते हैं, आसपास के किसानों को वे काफी दिन से कह रहे हैं, लेकिन लोग कह देते हैं, नवम्बर तो खत्म हो ही रहा है, 10 दिन और इंतजार कर लेंगे। राजिम क्षेत्र में बेलटुकरी गांव के भुनुराम साहू जैसे कई किसानों ने भी धान की मिजाई के बाद उन्हें प्लास्टिक के बोरे में सुरक्षित कर लिया है।

खरीदी केंद्रों को फसल से उम्मीद
इस बीच खरीदी करने वाली समितियों को इस वर्ष के फसल से उम्मीद बंधी है। रायपुर की दतरेंगा केंद्र के प्रभारी जय कुमार सपहर बताते हैं, पिछले वर्ष तो सूखे ने फसल की बर्बाद कर दी थी। पूरे सीजन में उनके यहां केवल 18 हजार क्विंटल धान पहुंचा। अभी तक 3 हजार क्विंटल आ चुका है। फसल अच्छी है। इसमें और तेजी आएगी।

हर तरफ ऐसी ही स्थिति
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के तेजराम विद्रोही का कहना है कि हर तरफ ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने खुद बेलटुकरी, कोमा, देवरी, लफंदी गांव के लोगों से बात की है। सभी कर्जमाफी का इंतजार कर रहे हैं। किसान खेतों में खरही बना रहे हैं अथवा प्लास्टिक के बोरों में धान रखकर आंगन-बरामदों में सुरक्षित कर रहे हैं।

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