रायपुर

2013 में BJP के 41 उम्मीदवार हारे, पांच मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष भी नहीं बचा पाए अपनी सीट

चुनावी राजनीति मुददों और लहरों पर सवार होकर अवसर बनाती है। 2003 के बाद से लगातार सत्ता में रही भाजपा के लिए पिछला चुनाव एक सबक था।

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Sep 28, 2018
rajasthan election 2018

मिथिलेश मिश्र/रायपुर. चुनावी राजनीति मुददों और लहरों पर सवार होकर अवसर बनाती है। 2003 के बाद से लगातार सत्ता में रही भाजपा के लिए पिछला चुनाव एक सबक था। उसने अपने 13 विधायकों का टिकट काटा, ताकि उनकी हार से पार्टी को होने वाले नुकसान का जोखिम कम किया जा सके। इसके बावजूद पार्टी के 41 उम्मीदवार चुनाव हारे। उनमे से 21 सीटिंग विधायक थे। यह तब हुआ जब पूरे चुनाव में नरेंद्र मोदी की आक्रामक राजनीति की लहर महसूस की जा रही थी।

चुनावी राजनीति में बहुत कम ऐसा होता है कि किसी लहर पर सवार होकर राजनीतिक दल सत्ता में पहुंच जाता है। दो चुनावों से सत्ता में बनी हुई भाजपा के लिए पिछला चुनाव अपेक्षाकृत आसान दिख रहा था। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जगह बना चुके थे। उन्होंने यहां जनसभाएं भी की थीं। उस लहर में भाजपा तीसरी बार भी सत्ता में वापसी करने में कामयाब तो रही, लेकिन सत्ता विरोधी लहर का खामियाजा उसके विधायकों को उठाना पड़ा। भाजपा की एक सीट कम हुई।

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वहीं 21 विधायक अपनी सीट नहीं बचा पाए। इनमें से पांच मंत्री और एक विधानसभा अध्यक्ष भी शामिल थे। यह तब हुआ जब भाजपा ने खराब रिपोर्ट वाले 13 विधायकोंं को चुनाव लडऩे का मौका नहीं दिया था। इन हारे हुए विधायकों में से एक हेमचंद्र यादव का निधन हो चुका है, लेकिन अधिकतर 2018 चुनाव में भी भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे है। कुछ नेताओं की दावेदारी पर लगभग सहमति भी बन चुकी है।

ये मंत्री नहीं बचा पाए थे अपनी सीट
2013 चुनाव में गृहमंत्री रहे ननकीराम कंवर, रामपुर की अपनी सीट कांग्रेस के श्यामलाल कंवर से हार बैठे। कंवर ने उन्हें 9915 वोटों से हराया था। कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू अभनपुर में धनेंद्र साहू से हारे। रामानुजगंज सीट पर मंत्री रामविचार नेताम कांग्रेस के बृहस्पत सिंह से हार गए। वहीं कोण्डागांव सीट से महिला एवं बाल विकास मंत्री लता उसेंडी को हार का मुंह देखना पड़ा। उन्हें कांग्रेस के मोहन मरकाम ने 5 हजार 135 वोटों से हराया। वहीं दुर्ग शहर से अरुण वोरा ने उच्च शिक्षा और जल संसाधन मंत्री हेमचंद यादव को 5 हजार 621 वोटो से हरा दिया था। बिल्हा से विधानसभा अध्यक्ष रहे धरमलाल कौशिक को भी 10 हजार 968 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।

टिकट के लिए बढ़ी सक्रियता
चुनाव नजदीक आते ही हारे हुए विधायकों में से अधिकतर ने प्रदेश मुख्यालय और दिल्ली में भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक का नाम बिल्हा सीट से तय है। मुख्यमंत्री विकास यात्रा के दौरान इसकी घोषणा कर चुके हैं। पूर्व विधायक चंद्रशेखर साहू अभी राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं। उनकी सक्रियता अभनपुर क्षेत्र में बढ़ी है। वे टिकट के प्रबल दावेदार हैं। भटगांव से रजनी त्रिपाठी फिर दावा कर रही हैं, हालांकि वहां अजय गोयल जैसे स्थानीय नेताओं का भी दावा मजबूत है। लता उसेंडी अपनी पारंपरिक सीट से फिर दावेदारी कर रही हैं। रायपुर ग्रामीण में नंद कुमार साहू सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें यहां चुनौती मिल सकती है।

नेताम पर असमंजस, ननकी फिर मैदान में
विधानसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा भेज दिए गए पूर्व मंत्री रामविचार नेताम के विधानसभा चुनाव लडऩे पर संशय बना हुआ है। हालांकि उनके समर्थक उन्हें विधानसभा चुनाव में देखना चाहते हैं, लेकिन नेताम केंद्रीय नेतृत्व के इशारों का इंतजार कर रहे हैं। कहा जा रहा है, पार्टी इस बार एक-दो सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाएगी। वहीं पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर फिर मैदान में उतर गए हैं। खांटी संघी कंवर ने कहा, वे रामपुर की अपनी सीट से चुनाव लडऩे की पूरी तैयारी में हैं।

इन विधायकों ने गवाई थी सीट

प्रेमनगर रेणुका सिंह खेलसाय सिंह 18327
भटगांव रजनी त्रिपाठी पारसनाथ राजवाड़े 7368
रामानुजगंज रामविचार नेताम बृहस्पत सिंह 11592
सामरी सिद्धनाथ पैकरा प्रीतम राम 31823
धरमजयगढ़ ओमप्रकाश राठिया लालजीत राठिया 19988
रामपुर ननकीराम कंवर श्यामलाल कंवर 9915
बिल्हा धरमलाल कौशिक सियाराम कौशिक 10968
मस्तूरी कृष्णमूर्ति बांधी दिलीप लहरिया 24146
जांजगीर-चांपा नारायणप्रसाद चंदेल मोतीलाल देवांगन 10211
बलौदाबाजार लक्ष्मी बघेल जनकराम वर्मा 9977
रायपुर ग्रामीण नंदकुमार साहू सत्यनारायण शर्मा 1861
अभनपुर चंद्रशेखर साहू धनेन्द्र साहू 8354
दुर्ग शहर हेमचंद यादव अरुण वोरा 5621
गुण्डरदेही वीरेन्द्र साहू राजेन्द्र कुमार राय 21280
पाटन विजय बघेल भूपेश बघेल 9343
खैरागढ़ कोमल जंघेल गिरवर जंघेल 2190
केशकाल सेवकराम नेताम संतराम नेताम 8689
कोण्डागांव लता उसेण्डी मोहन मरकाम 5135
बस्तर सुभाऊ कश्यप लाखेश्वर बघेल 19168
चित्रकोट बेदूराम कश्यप दीपक बैज 12329
दंतेवाड़ा भीमा मंडावी देवती कर्मा 5987

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Updated on:
10 Nov 2018 08:15 pm
Published on:
28 Sept 2018 01:13 pm
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