
अजीत जोगी ने जुलाई में ही बसपा सुप्रीमो मायावती को दिया था गठबंधन का प्रस्ताव
आवेश तिवारी/रायपुर. छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच सीटों का बंटवारा तय हो गया है। बसपा को जो 35 सीटें दी गई हैं उनमे से 8 सीटें अनुसूचित जाति के लिए वही 12 सीटें जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। यानि कि 15 सामान्य सीटों पर भी बसपा का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा।
इस गठजोड़ से यह साफ़ है कि अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित 10 सीटों में से ज्यादातर सीटों पर बसपा ही चुनाव लड़ेगी। कुल 90 सीटों में से 39 सीटें आरक्षित हैं। इन सीटों का विश्लेषण करें तो यह साफ़ नजर आता है कि बसपा को ज्यादातर सीटों पर जनता कांग्रेस की ताकत के दम पर ही भिड़ना होगा, क्योंकि पूर्व के चुनाव में इन सीटों पर पार्टी के अपने वोट कम रहे हैं। रायपुर दक्षिण सीट पर बसपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में केवल 596 वोट ही हासिल किये थे।
कहां-कहां कितनी ताकत
जब इस गठबंधन में बहुजन समाज पार्टी को मिली सीटों को मूल्यांकन किया जाता है तो साफ़ पता चलता है कि मायावती ने इस गठबंधन में उन सभी सीटों पर अपनी दावेदारी रखी है जिन पर उनकी ताकत 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान नजर आई थी। जैजेपुर सीट ही एकमात्र ऐसी है जिस पर बसपा का विधायक है। 2013 के चुनाव में पामगढ़ और चंद्रपुर में बसपा दूसरे स्थान पर, अकलतरा बिलाईगढ़ और सारंगढ़ में बसपा का उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा है।
तीन चौथाई सीटों पर पांच हजार से कम वोट
गठबंधन में बहुजन समाज पार्टी के खाते में लगभग आई तीन चौथाई सीटें ऐसी हैं जिस पर पिछले चुनाव में उन्होंने 5 हजार से कम वोट पाए थे। पार्टी द्वारा अनुसचित जाति के लिए जिन सात सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये जाने की घोषणा की हैं उनमे से नवागढ़ में बसपा के उम्मीदवार ने पिछले चुनाव में 2804 मत ही पाए थे ,वही अहिवारा में पार्टी के प्रयाशी को केवल 1270 वोट ही मिल पाए थे।
Updated on:
28 Sept 2018 12:53 pm
Published on:
26 Sept 2018 06:11 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
