विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में वाहन उपलब्ध नहीं है
रायपुर. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में वाहन उपलब्ध नहीं है। इसे देखते हुए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से 500 यात्री बस और मालवाहक वाहनों को लाने की योजना तैयार की गई है।
इसके लिए परिवहन विभाग संबंधित राज्यों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक वाहनों की संख्या और किराया तय होने के बाद इसका लिखित में अनुबंध किया जाएगा। दअरसल, चुनाव के दौरान मतदान समाग्री के साथ कर्मचारियों और फोर्स को गंतव्य स्थान पर भेजा जाना है। इसके लिए बडी़ संख्या में वाहनों की जरूरत पड़ेगी। अधिग्रहण के बाद वह चुनाव होने तक यात्री परिवहन और सामानों की ढुलाई नहीं कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में परिवहन प्रभावित होगा।
परिवहन विभाग ने प्रदेश के वाहन मालिकों से प्रस्तावित किराया सूची मांगी है। सहमति के बाद वाहनों के फिटनेस और उसकी संख्या तय की जाएगी। बताया जाता है कि चुनाव के लिए प्रदेश में 70 फीसदी वाहनों के अधिग्रहण की योजना है। मालूम हो कि प्रदेश छोटे-बड़े 3 लाख मालवाहक, 8 हजार यात्री बस, 2 हजार स्कूल बस और 500 सिटी बस है।
ओ.पी. पाल, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त
राज्य निर्माण के बाद 2008 के विधानसभा को छोडक़र हर साल मतदान का प्रतिशत बढ़ रहा है। 1998 में हुए विधानसभा चुनाव में 60.22 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। राज्य निर्माण के बाद 2003 में हुए पहले विधानसभा सभा में वोटों का प्रतिशत 11.08 फीसदी बढ़ा, लेकिन 2008 के विधानसभा चुनाव में वोटों का प्रतिशत 0.79 फीसदी कम हो गया। इसके बाद चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई प्रकार से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसका परिणाम यह निकला कि 2013 के विधानसभा चुनाव में मतदान का ग्राफ 6.61 फीसदी की वृद्धि दर्ज कराई। इस बार वृद्धि बनाए रखने का प्रयास जारी है।