CG Tourism: इस सर्दी के मौसम अगर आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो छत्तीसगढ़ की सांस्कृति नगरी सिरपुर आपके लिए बेस्ट है। कम बजट और ज्यादा आनंद वाला…
CG Tourism Places: छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति और पर्यटन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। प्रदेश में दर्जनों पर्यटन और तीर्थ स्थल है। सर्दी, गर्मी और यहां तक कि बरसात के मौसम में भी आप छत्तीसगढ़ के मशहूर जगहों में घूम सकते है। भोरमदेव, तीरथगढ़ जल प्रपात, राजीव लोचन मंदिर, गिरौधपुरी धाम, रतनगढ़ किला और सिरपुर समेत दर्जनों ऐसे पर्यटन स्थल है। जिनका आप विचरण कर सकते है। आज के इस खास खबर में हम आपको प्राचीन नगर सिरपुर के बारे में बताएंगे, जिसका अपना एक सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है।
सिरपुर में आपको कई ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर देखने को मिलेगी। जिनमें सबसे प्रमुख लाल ईट्टों से बना लक्ष्मण देवालय मंदिर और गंधेश्वर महादेव मंदिर है। लक्ष्मण मंदिर का निर्माण सोमवंशी राजाओं द्वारा लगभग 7वीं शताब्दी में करवाया गया था। उस समय सिरपुर को श्रीपुर कहा जाता था और यह दक्षिण कोसल की राजधानी थी। कहा जाता है कि राजा हर्षगुप्त की मृत्यु के बाद रानी वासटादेवी ने इसका निर्माण कराया था। यह भारत का पहला ऐसा मंदिर है, जिसे नागर शैली में लाल ईट्टों से बनाया गया।
लाल पत्थरों का यह मंदिर करीब 7 फुट ऊंचे चबूतरे पर बनाया गया है। भगवान विष्णु को समर्पित, इस मंदिर में विष्णु के दश अवतारों की नक्काशी है। इस मंदिर के पास एक कुंआ भी है। जिससे स्थानीय लोगों की मान्यता जुड़ी हुई है। उनका मानना है कि इस कुएं में अगर कोई सिक्का चिपक जाए तो उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि के मौके पर यहां भव्य मेला लगता है। जिसमें देश और प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु भगवान विष्णु और भोलेनाथ के दर्शन के लिए आते है।
वहीं गंधेश्वर महादेव मंदिर महानदी के तट पर स्थित है। लगभग 8वीं सदी में इसका निर्माण कराया गया था। यहां उत्खनन के दौरान कई विहार और मूर्तियाँ मिली हैं, जो इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल बनाता है। लक्ष्मण मंदिर के परिसर में भारतीय पुरातत्व द्वारा बनाया गया एक संग्रालय भी है। जिसमें हिन्दू और बौद्ध धर्म से जुड़े साक्ष्यों को सहेजकर रखा गया है। सिरपुर में खुदाई के दौरान प्राप्त अनेक दुर्लभ प्रतिमाएं आपको यहां देखने को मिल जाएगी। चीनी यात्री ह्वेनसांग ईसा पूर्व छठवीं शताब्दी में सिरपुर आए थे। उन्होंने अपने यात्रा वृतांत में सिरपुर को एक अतिविकसित राजधानी बताया था। जहां जहाज के माध्यम से सामान निर्यात किए जाते थे।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर महासमुंद जिला मुख्यालय से तकरीबन 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रायपुर हवाई अड्डा से सिरपुर की दूरी मात्र 75 किलोमीटर है। महासमुंद रेलवे स्टेशन, नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जिसकी दूरी लगभग 40 किमी है। साथ ही लक्ष्मण देवालय मंदिर के स्टेट हाइवे नंबर 9 के माध्यम से राज्य के विभिन्न शहरों से यहां पहुंचा जा सकता है।